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'जब चीन के सामने भारत खड़ा...', डोकलाम मुद्दे पर राहुल गांधी का सवाल; पूछा - तब 56 इंच की छाती को क्या हुआ था

'जब चीन के सामने भारत खड़ा...', डोकलाम मुद्दे पर राहुल गांधी का सवाल; पूछा - तब 56 इंच की छाती को क्या हुआ था

Rahul Gandhi Doklam statement: 02फरवरी को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने डोकलाम का जिक्र किया। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि साल 2020के लद्दाख स्टैंडऑफ में सरकार ने सेना को स्पष्ट निर्देश नहीं दिए। उन्होंने कहा 'हर जवान जानता है कि आप जनता से क्या छिपा रहे हैं।' उन्होंने डोकलाम में चीनी टैंकों के घुसने का जिक्र किया और सरकार पर आरोप लगाया कि वह किताब को प्रकाशित होने से रोक रही है। जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देकर इसे पढ़ने की अनुमति नहीं दी, जिससे सदन में हंगामा मच गया और कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

कैसे हुई विवाद की शुरुआत?

सदन में विवाद की शुरुआत तब हुई, जब भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस की राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाए। जवाब में राहुल गांधी ने नरवणे की किताब से अंश पढ़ने की कोशिश की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के फैसलों पर आलोचना की गई है। राहुल ने कहा कि किताब में यह वर्णन है कि कैसे सेना को राजनीतिक नेतृत्व ने निराश किया। राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई और पूछा कि क्या यह किताब आधिकारिक रूप से प्रकाशित है या प्रमाणित? उन्होंने राहुल पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। स्पीकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अप्रकाशित किताब या पत्रिका के लेख, जो कार्यवाही से सीधे जुड़े नहीं हैं, उन्हें सदन में नहीं पढ़ा जा सकता।

सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा 'यह मैं नहीं कह रहा, यह पूर्व सेनाध्यक्ष ने अपनी किताब में लिखा है। किताब को प्रकाशित नहीं होने दिया जा रहा है। यह सेनाध्यक्ष का नजरिया है। वे क्यों इतने डर रहे हैं? हम इससे सीखेंगे कि प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह जी के बारे में क्या है, लेकिन साथ ही सेना के बारे में भी कि कैसे राजनीतिक नेतृत्व ने उन्हें निराश किया।' राहुल ने आगे पूछा 'जब चीन हमारे सामने खड़ा था और आगे बढ़ रहा था, तब 56इंच की छाती को क्या हुआ?' यह प्रधानमंत्री मोदी के उस पुराने बयान का संदर्भ था, जिसमें उन्होंने खुद को '56इंच की छाती' वाला नेता बताया था। राहुल ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा देश का सबसे अहम मुद्दा है, लेकिन सरकार इसे दबाने की कोशिश कर रही है।

BJP ने राहुल के व्यवहार को बताया 'बचकाना'

भाजपा ने राहुल के इस कदम की कड़ी आलोचना की। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि राहुल ने स्पीकर के फैसले की अवहेलना की और सदन का आधा घंटा बर्बाद किया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे 'बचकाना व्यवहार' करार दिया, भाजपा का आरोप है कि राहुल ने जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की साजिश रची।

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