
IPS Aditi Singh on Leave: हिमाचल प्रदेश पुलिस में एक अनोखा और चर्चित मामला सामने आया है, जहां 2021बैच की IPS अधिकारी अदिति सिंह की लगातार छुट्टियों के कारण उनके कार्यालय का काम प्रभावित होने लगा। राज्य के डीजीपी अशोक तिवारी ने फैसला लेते हुए उनकी जिम्मेदारियां उनके जूनियर अधिकारी को सौंप दीं। वहीं, जब से यह मामला सामने आया है, तब से सोशल मीडिया पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई।
कौन हैं IPS अदिति सिंह?
बता दें, अदिति सिंह 2021बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने नवंबर 2025में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (SV&ACB) के नॉर्दर्न रेंज, धर्मशाला में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) के पद पर तैनाती ली थी। अदिति सिंह हिमाचल पुलिस में युवा और महत्वाकांक्षी अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं, लेकिन हाल के महीनों में उनकी अनुपस्थिति ने विभागीय कामकाज पर असर डाला।
क्या है पूरा मामला?
डीजीपी अशोक तिवारी के जारी आदेश के अनुसार, अदिति सिंह ने 8जनवरी 2026से 22फरवरी 2026के बीच कुल 25दिन की छुट्टी ली। इसमें कैजुअल लीव, सिक लीव और स्पेशल लीव शामिल हैं। आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि पिछले तीन महीनों में भी उन्होंने कई छुट्टियां लीं, जिससे धर्मशाला स्थित SV&ACB ऑफिस का काम प्रभावित हुआ और निरंतरता बाधित हुई।
जूनियर को सौंपा काम
इस स्थिति को देखते हुए डीजीपी ने एडिशनल एसपी ब्रह्म दास भाटिया (हिमाचल प्रदेश पुलिस सर्विस अधिकारी, जो पदानुक्रम में अदिति सिंह से जूनियर हैं) को अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया। भाटिया अब अदिति सिंह की अनुपस्थिति या छुट्टी के दौरान उनके दफ्तर की जिम्मेदारियां संभालेंगे, ताकि कामकाज में कोई रुकावट न आए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और आगे के आदेश तक जारी रहेगा।
दरअसल, यह फैसला पुलिस विभाग में दुर्लभ है, क्योंकि आमतौर पर IPS अधिकारी की जिम्मेदारियां जूनियर को इस तरह नहीं सौंपी जातीं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे 'बार-बार छुट्टी = प्रमोशन जैसा फायदा जूनियर को' कहकर मजाक उड़ा रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि '25 दिन छुट्टी ली, तो जूनियर की बल्ले-बल्ले हो गई।' हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ कामकाज की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक कदम है, न कि कोई सजा या पद से हटाना
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