Delhi Taxi-Driver Strike: तेल कंपनियों ने आज एक बार फिर आम जनता पर मंहगाई का बोझ लाद दिया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 0.90 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। जिससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। इसी बीच, पेट्रोल-डीजल और CNG की लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ अब टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों ने मोर्चा खोल दिया है।
दरअसल, दिल्ली के कमर्शियल वाहन चालकों की विभिन्न यूनियनों ने 21 से 23 मई तक तीन दिन का 'चक्का जाम' और हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान टैक्सी और ऑटो चालक वाहन नहीं चलाएंगे, जिससे पैसेंजर्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
Also read: Aaj Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ मानसून, 8 राज्यों में तेज बारिश-तूफान का अलर्ट; जानें दिल्ली-UP-हरियाणा का मौसम
21-23 मई तक चक्का जाम
टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के इस फैसले पर चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने बताया कि CNG-पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग के ड्राइवरों का बोझ बढ़ा दिया है। जिस वजह से उन सभी को परिवार चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए दिल्ली के अन्य संगठनों के साथ मिलकर 21 से 23 मई को वाहन नहीं चलाने का फैसला लिया गया है।
ऑटो ड्राइवरों की मुख्य मांगें
ऑटो ड्राइवर अपने इस हड़ताल से कुछ प्रमुख मागें सामने रखना चाहते हैं। जैसे उनका कहना है कि टैक्सी के किराए में संशोधन किया जाए। दिल्ली-NCR में पिछले कई सालों से टैक्सी और ऑटो का किराया नहीं बढ़ाया गया है, जबकि ईंधन की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं। इसके अलावा उनकी मांगों में आर्थिक शोषण को रोकना भी शामिल हैं। दरअसल, ऐप-बेस्ड कैब कंपनियां मनमाने दाम वसूलती है, जबकि सामान्य टैक्सी ड्राइवर को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।