Modi Cabinet Approves Infrastructure Projects: मोदी कैबिनेट विस्तार से पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आज 19 अगस्त बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में देश के बुनियादी ढांचों को मजबूत करते हुए कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई हैं। जानकारी के अनुसार, इस बैठक में 5 बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 13,041 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का फैसला लिया गया है। इन प्रोजेक्ट्स में चार रेलवे परियोजनाएं और बिहार में एक फोर-लेन हाईवे निर्माण का काम शामिल हैं। बता दें, ये सारी जानकारी बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है।
चार रेलवे परियोजनाएं को मंजूरी मिली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। बताया जा रहा है कि ये रेल नेटवर्क पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ जिलों को कवर करेंगा। इन परियोजना पर कुल करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पहला रेलवे प्रोजेक्ट – खड़गपुर-भद्रक रेल नेटवर्क, जिसमें करीब 3,352 करोड़ रुपये होंगे। इसकी लंबाई 173 किलोमीटर होगी।
दूसरा रेलवे प्रोजेक्ट – भद्रक-हरिदासपुर रेल नेटवर्क, जिसमें करीब 1,533 करोड़ रुपये होंगे। इसकी लंबाई 75 किलोमीटर होगी।
तीसरा रेलवे प्रोजेक्ट - कटक-पारादीप रेल नेटवर्क, जिसमें करीब 2,286 करोड़ रुपये होंगे।
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बिहार में एक फोर-लेन हाईवे का प्रोजेक्ट
इसके अलावा बिहार में एनएच-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन के मानक में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट आर्थिक समिति (CCEA) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर 3590.73 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से 82.578 किलोमीटर की कुल लंबाई में विकसित की जाएगी। NH-22 का मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय माल ढुलाई नेटवर्क से निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करता है।
प्रस्तावित परियोजना का बिहार के बढ़ते राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ाव होने के कारण इसका रणनीतिक और आर्थिक महत्व बहुत अधिक है। यह सोनबरसा में भारत-नेपाल सीमा को एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम गलियारा) पर मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ने वाले एक प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में कार्य करता है। बयान के अनुसार, इस परियोजना से मुजफ्फरपुर, मुक्सुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भूताही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात जाम में काफी कमी आएगी।