Old Pension Scheme: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें 01 जनवरी 2026 से लागू हो चुकी है। जिसके बाद से सभी राज्यों के कर्मचारियों से वेतन, भत्तों, सेवा शर्तों जैसी सेवाओं में सुधार के लिए सुझाव मांगे जा रहे हैं। लेकिन इन सभी चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ मिलेगा।
यानी जिन कर्मचारियों के आवेदन 1 जनवरी 2004 से पहले के थे, उन्हें पुरानी पेंशन योजना के दायरे में ही रखा जाएगा। दरअसल, उनकी नियुक्ति में देरी हुई, जिस वजह से वे नई पेंशन प्रणाली (NPS) के दायरे में आ गए थे। लेकिन अब सरकार ने उन्हें राहत दे दी हैं।
Also read: Gold-Silver Price: कीमती धातुओं में जबरदस्त गिरावट, सोना 4400 रुपये सस्ता तो चांदी 8800 रुपये गिरा; देखें अपने शहर का हाल
क्या है OPS से जु़ड़ा नया फैसला?
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के आदेश के अनुसार, अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में अब आवेदन की तारीख को ही आधार माना जाएगा, न कि नियुक्ति की तारीख को। आसान भाषा में समझें तो जिन कर्मचारियों परिवार के सदस्यों ने 31 दिसंबर 2003 तक आवेदन कर दिया था और वे उस समय पात्र थे, वह सभी CCS (Pension) Rules, 2021 के तहत पुरानी पेंशन योजना का लाभ उठा सकते है।
अब अगर आपने 31 दिसंबर 2003 से पहले आवेदन किया हो और नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद हुई हो, तब भी आपको OPS का लाभ मिलेगा। बता दें, 01 जनवरी, 2004 को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) लागू कर दी गई थी। लेकिन एडमिनिस्ट्रेटिव देरी के कारण 31 दिसंबर 2003 से पहले के आवेदनों की नियुक्ति भी देरी से हुई, जिससे उनके लिए OPS के रास्ते बंद हो गए।
किसे मिलता है अनुकंपा नियुक्ति का लाभ?
आपको बताते चलें कि अनुकंपा नियुक्ति का लाभ सिर्फ वही परिवार उठा सकता है, जिनके परिवार का कोई सरकारी कर्मचारी अपनी सेवा के दौरान निधन हुआ हो। इन परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए सरकार अनुकंपा नियुक्ति का प्लान लेकर आई। जिससे उन परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सकें। अब अगर OPS के मुद्दे की बात करें तो 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं में सभी कर्मचारी संगठन ने OPS की पूर्ण बहाली की भी मांग की थी।