
नई दिल्ली: भारत में अपराध के मामले हर दिन बढ़ते जा रहे हैं। उनमें से कुछ मामले ऐसे होते है। जो खुली किताब की तरह होते हैं। और जिन्हे सुलझाने में वक्त नहीं लगता है, उसी तरह कुछ मामले ऐसे होते जो पेचीदा और मुश्किल भरे होते हैं और एक पहेली बन कर रह जाते है। जिनको हल करने के लिए पुलिस से लेकर सी.बी.आई (CBI) तक एड़ी चोटी तक का जोर लगा देती है। वह सभी मामले एक रहस्यमय बनकर रह जाते हैं।
भारत के कुछ ऐसे ही बड़े मर्डर मिस्ट्री के बारे में आज हम बताएंगे जिनको घटे हुए बहुत साल हो चुके है। लेकिन उनकी मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी आज भी अनसुलझी है।
• आरुषि हत्याकांड
आरुषि मर्डर मिस्ट्री सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली मर्डर मिस्ट्री है। 16 मई 2008 को 13 साल की आरुषि का मृत शरीर उसके कमरे में मिला। उसके अगले ही दिन आरोपी माने जा रहे नौकर हेमराज का शव तलवार दंपत्ति के छत पर मिला, इसके बाद इन दोनो के कत्ल का शक तलवार दंपत्ति पर गया और शक के आधार पर आरुषि के माता-पिता नुपुर तलवार और राजेश तलवार पर दोनों की हत्या का केस चलाया गया। इस केस की जांच पुलिस के अलावा सी.बी.आई ने भी की थी, दो बार अलग-अलग टीमों द्वारा जाँच किये जाने पर दो बिल्कुल अलग रिपोर्ट सामने आये. पहली टीम ने हेमराज के दोस्तों का नार्को टेस्ट कराया और उन्हे आरोपि घोषित किया और दूसरी टीम ने आरूषि के माता-पिता का नार्को टेस्ट करवाया और उन्हे आरोपी घोषित करा। इस तरह दो बिल्कुल अलग रिपोर्ट सामने आये। और कोई सबूत हाथ नहीं लगा। अदालत ने शक के आधार पर आरुषि के माता-पिता को दोषी करार दिया था, लेकिन कोई सबूत न मिलने पर माता पिता को भी बाइज्जत बरी कर दिया गया था।
• सुनंदा पुष्कर हत्याकांड
कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत एक मर्डर मिस्ट्री बन कर रह गई। इनकी मौत रहस्यमयी तरीके से 16 जनवरी 2014 को दिल्ली होटल लीला पैलेस में हुई थी। ट्विटर पर पाकिस्तानी महिला पत्रकार मेहर से वाद-विवाद होने के एक दिन बाद ही इनका शव लीला पैलेस होटल के रूम नंबर 345 से बरामद हुआ। शशि थरूर को उनका शव 17 जनवरी 2014 को मिला था। शुरूआती रिपोर्ट्स के अनुसार पहले तो यह माना गया कि सुनंदा ने आत्महत्या की है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में AIIMS के डॉक्टर्स ने कहा कि सुनंदा की मौत सामान्य नहीं है, उनके शरीर पर कई चोट के निशान मिले थे। साथ ही दवाइयों के अधिक सेवन की पुष्टि की गई। इसके बाद में 6 जनवरी 2015 को दिल्ली पुलिस ने इसे हत्या का केस बताया और शशि थरूर पर गया। लेकिन कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगा, और इसके संबद्ध में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। यह हत्या अब भी एक मर्डर मिस्ट्री बनी हुई है।
• चंद्रशेखर प्रसाद हत्याकांड
31 मार्च 1997 को जवाहरलाल नाहरू विश्वविद्दालय (जेएनयू) के छात्र और एक बड़े नेता के रूप में उभर रहे चंद्रशेखर प्रसाद को सिवान में एक भाषण देते हुए हत्या कर दी गई. उनकी हत्या के लिए मूल रूप से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के शार्प शूटरों को आरोपी माना गया था. इसके पीछे नेता के रूप में उनकी बढ़ती लोकप्रियता को बताया जाता है. इनके मौत से पूरे देश में आक्रोश का माहौल बन गया था इस मर्डर मिस्ट्री का बारे में पुलिस आज तक पता नहीं लगा सकी कि इस हत्या की साजिश किसने की थी. माना जाता है कि इसके पीछे किसी बड़ी राजनैतिक पार्टी का हाथ था.
• तंदूर हत्याकांड
2 जुलाई 1995 की रात बगिया रेस्टोरेंट में एक ऐसे मर्डर मिस्ट्री को अंजाम दिया गया। इसमें किसी का बड़ी बेहरहमी से कत्ल किया गया था। यह घटना आज भी लोगो रोंगटे खड़े कर देती है। जांच करने के बाद वह पता चला की दिल्ली यूथ कांग्रेस के नेता सुशील शर्मा ने अपनी पत्नी नैना साहनी को बड़े घृणित तरीके से मार डाला था। कत्ल करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने उसके टुकड़े कर अपने ही बगिया रेस्टोरेंट की तंदूर में जला दिए थे। सुशील शर्मा का रेस्टोरेंट दिल्ली के कनॉट प्लेस में था। यह मर्डर मिस्ट्री तंदूर हत्याकांड के रूप में चर्चित हुआ था, हत्या करने का कारण शक था। कि उसकी पत्नी का अफेयर कांग्रेस कार्यकर्ता और उसके सहपाठी के साथ चल रहा था। अदालत ने सुशील शर्मा को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सजा उम्र कैद में बदल दिया।
इस तरह बहुत से ऐसे रहस्यमयी मर्डर मिस्ट्री है जो आज भी सुलझे नहीं है। जिनके बारे में आज भी कोई सबूत नहीं मिला है। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। और केस को बंद कर दिया गया है।
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