MOOSEWALA KILLER: पहले था मोबाइल चोर...फिर बनाना शार्प शूटर...अब खेलता है खून की होली,जानें जुर्म की दास्तान

MOOSEWALA KILLER: पहले था मोबाइल चोर...फिर बनाना शार्प शूटर...अब खेलता है खून की होली,जानें जुर्म की दास्तान

नई दिल्लीदिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रविवार को सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में से एक, 19 वर्षीय अंकित सिरसा, कथित तौर पर उन हमलावरों में शामिल है।जिन्होंने मई में मूसेवाला को गोली मार दी थी। उसके सहयोगी सचिन भिवानी पर हत्या के बाद हमलावरों की मदद करने का आरोप है। भिवानी और सिरसा दोनों गोल्डी बरार-लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी ली थी। 

सिर्फ नौवीं पास है अंकित, 6 महीने पहले गैंग में हुआ शामिल

अंकित के बारे में मिली जानकारी में इतना ही पता चला है कि उसने ज्यादा पढ़ाई लिखाई नहीं की है। वह सिर्फ नौवीं क्लास पास है और 6 महीने पहले ही उसने गोल्डी बराड़ गैंग जॉइन किया था। खबरों के मुताबिक, अंकित ने हथियार चलाना सीखा है लेकिन मूसेवाला की हत्या से पहले उसने किसी और का मर्डर नहीं किया था। हथियार चलाने में उसने पूरी ट्रेनिंग ली थी और मूसेवाला पर दोनों हाथों से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। सिद्धू पर सबसे करीब से अंकित ने ही गोलियां चलाई थीं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि घटना के दौरान अंकित कई राउंड तक फायरिंग करता रहा था। मर्डर से पहले उसने बुलेट सजाकर सिद्धू मूसेवाला का नाम भी लिखा था।

गुजरातमें जाकर छिप गए थे दोनों आरोपी

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, अंकित सिरसा और प्रियव्रत फौजी मूसेवाला की हत्या करने वालों में शामिल थे। दोनों ने पंजाबी सिंगर को गोली मारी थी। मर्डर के बाद दोनों गुजरात भाग गए थे और वहीं छुपे हुए थे। 7 जून को दोनों गुजरात से छिपकर दिल्ली पहुंचे थे।

पंजाब पुलिसकी वर्दी में किया मर्डर

प्रियव्रत फौजी और अंकित सिरसा ने सिद्धू मूसेवाला पर हमले के वक्त पंजाब पुलिस की वर्दी पहन रखी थी ताकि उन पर कोई शक नहीं कर सके और मर्डर के बाद मौके से भागने में भी मदद मिले। दोनों पंजाब पुलिस की वर्दी में ही घटना स्थल से भागे थे। स्पेशल सेल के कमिश्नर एचजीएस धालीवाल ने कहा, 'स्पेशल सेल का प्रयास असल शूटरों को पकड़ने का है जिन्होंने सिद्धू मूसेवाला पर गोलियां चलाई थीं। रविवार को आईएसबीटी से शूटर अंकित सिरसा और सचिन भिवानी को गिरफ्तार किया गया है। अंकित ने ही सबसे करीब से गोली चलाई थी। सचिन भिवानी और इसके एक और साथी कपिल पंडित ने वारदात से पहले और वारदात के बाद इनको सारी सहायता दी थी। इनके अलग-अलग राज्यों में ठहरने और छुपने का इंतजाम किया गया था।'

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