मोहन भागवत के बंगाल दौरे से TMC में मची खलबली! चुनाव से एक साल पहले क्यों RSS क्यों हुई सक्रिय?

मोहन भागवत के बंगाल दौरे से TMC में मची खलबली! चुनाव से एक साल पहले क्यों RSS क्यों हुई सक्रिय?

Mohan Bhagwat West Bengal Visit: साल 2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होना है। इसको लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने तैयारी अभी से शुरु कर दी है। RSSप्रमुख मोहन भागवत का 10 दिवसीय बंगाल प्रवास शुरु हो गया है। 14 फरवरी को उन्होंनेपूर्व बर्द्धमान में संघ के नए प्रांत कार्यालय का उद्घाटन किया। साथ ही 16 फरवरी को वो बर्दवान जिले में ही भव्य रैली करने जा रहे हैं। उनके इस ऐलान से ममता सरकार निश्चित ही सकपका गई हैं। यही कारण है कि बंगाल प्रशासन ने भागवत की रैली को इजाजत नहीं दी। जिसके बाद संघ कोलकाता हाई कोर्ट गया, जिसके बाद रैली की सर्शत इजाजत मिल गई। बता दें, 10 दिनों तक संघ प्रमुख मोहन भागवत दक्षिण बंगाल नेतृत्व व प्रचारकों के साथ बैठक करेंगे।

हिंदुओं को एकजुट करना लक्ष्य

चुनाव से एक साल पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत के इस दौरे ने सबके कान खड़े कर दिए हैं। मोहन भागवत बंगाल में संघ को मजबूत और जमीन पर हिंदुओं को एकजुट करने का मंत्र दे सकते हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुई हिंसा का असर पश्चिम बंगाल के हिंदुओं पर भी पड़ा है। माना जा रहा है कि मार्च से संघ के लाखों कार्यकर्ता अपने काम पर लग जाएंगे। खासकर दक्षिण बंगाल के जिलों में संघ के स्वयंसवकों को दोगुनी शक्ति से संगठन को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, इस बारे में RSSअधिकारियों के द्वारा कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

BJPभी तैयारी में जुटी

2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था। खुद सीएम ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने मात दी थी। लेकिन लोकसभा चुनाव भाजपा काफी पिछड़ गई। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा मात्र 12 सीटें जीत पाईं। हालांकि, इसके बाद एकबार फिर भाजपा अपने संगठन को मजबूत करने में जुट गई है। भाजपा नेताओं का मानना है कि यदि बिहार, कलिंग यानी ओडिशा जीत सकते हैं तो बंगाल में भी जीत संभव है। दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में वापसी के बाद भाजपा नेताओं का मनोबल और अधिक बढ़ा हुआ है। शुभेंदु अधिकारी भी पहले से अधिक आक्रमक दिखाई दे रहे हैं।

 

Leave a comment