
One Nation One Election Bill: लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार ना बनने के बाद भी भाजपा अपनी वैचारिक मुद्दों को पूरा करने लगा है। वक्फ संशोधन बिल के बाद सरकार अब “एक देश एक चुनाव”पर बड़ा कदम उठाने जा रही है। जानकारी के अनुसार, अगले संसद सत्र में सरकार यह बिल लोकसभा में पेश कर सकती है। इसके अलावा सरकार देशव्यापी जनगणना भी शुरु करवाने वाली है। इसकी तैयारी अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। माना जा रहा है कि सरकार जातीय जनगणना करवा सकती है। बता दें, मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों में धारा 370, CAA और राम मंदिर जैसे कई वैचारिक मुद्दों को हल कर दिया है। हालांकि, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में बहुमत ना मिलने के कारण माना जा रहा था कि सरकार उन मुद्दों से दूर रहेगी, जिससे उनके अन्य साथी दल राजनीतिक रुप से सहमत ना हो। लेकिन अभी तक ऐसा होते दिखाई नहीं दे रहा है।
जनगणना की प्रक्रिया की होगी शुरुवात
साल 2021 में होने वाली जनगणना अभी तक नहीं हो पाई है। सरकार ने जनगणना में देरी का कारण कोविड और वैक्सीनेशन ड्राइव को बताया है। जानकारी के अनुसार, सरकार किसी भी समय जनगणना शुरु करवा सकती है। हालांकि, माना जा रहा है कि सरकार जाति जनगणना करवा सकती है। विपक्षी दलों के द्वारा यह मांग लोकसभा चुनाव के समय से ही उठा रही है। जिसका असर लोकसभा चुनाव के परिणाम में भी देखने को मिला था। इसके अलावा पिछले दिनों ही RSS के द्वारा भी जातीय जनगणना को हरी झंडी मिल गई थी। जिसके बाद लगभग यह तय हो गया है कि केंद्र सरकार जनगणना के कॉलम में जाति का सेक्शन जोड़ सकती है।
“एक देश एक चुनाव” बनेगा हकिकत
भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से “एक देश एक चुनाव”के पक्ष में बोलते नजर आए है। इस बीच जानकारी सामने आई है कि “एक देश एक चुनाव”को लेकर एक बिल लोकसभा में सरकार पेश कर सकती है। पिछले कई महीनों से सभी दलों इस बाबत सलाह लिया जा रहा है। भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल सभी दल “एक देश एक चुनाव”से सहमत नजर आ रहे हैं। हालांकि, विपक्ष इसके विरोध में दिख रहा है। राज्यसभा में NDAको बहुमत मिलने के बाद ये तय है कि अगले संसद सत्र में इस बिल को सदन में पेश किया जा सकता है।
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