Malaria Vaccine: मलेरिया की दूसरी वैक्सीन को WHO ने दी मंजूरी, जानिए इसकी कीमत और कब से बाजार में होगी उपलब्ध

Malaria Vaccine: मलेरिया की दूसरी वैक्सीन को WHO ने दी मंजूरी, जानिए इसकी कीमत और कब से बाजार में होगी उपलब्ध

Malaria Vaccine: स्वास्थ्य के विशेषज्ञों को बड़ी कामयाबी मिली है। WHO ने दुनिया में मलेरिया के दूसरे टीके को मंजूरी दे दी है। इस टीके का नाम Matrix-Mरखा गया है। इस वैक्सीन को ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी ने खोजा है। इस वैक्सीन की कीमत 166 रुपए से 332 रुपए है। बताया जा रहा है कि ये टीका अगले साल से बाजार में उपलब्ध होगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। 

विज्ञप्ति में कहा गया है, डब्ल्यूएचओ ने एसएजीई की सलाह पर डेंगू और मेनिन्जाटाइटिस के लिए नए टीकों के के साथ-साथ टीकाकरण कार्यक्रम और कोविड-19के लिए उत्पाद सिफारिशें भी जारी कीं। डब्ल्यूएचओ ने पोलियो, आईए 2030और प्रमुख टीकाकरण कार्यक्रम संबंधी सिफारिशें भी जारी कीं।

सभी बच्चों टीके की आपूर्ति होने की उम्मीद

विज्ञप्ति में ये भी कहा गया है कि मच्छर जनित बीमारी मलेरिया अफ्रीकी क्षेत्र में बच्चों पर विशेष रूप से अधिक बोझ डालती है, जहां हर साल लगभग पांच लाख बच्चे इस बीमारी से मर जाते हैं। इसमें कहा गया है कि मलेरिया के टीकों की मांग अभूतपूर्व है। हालांकि, आरटीएस, एस की उपलब्ध आपूर्ति सीमित है। डब्ल्यूएचओ की ओर से अनुशंसित मलेरिका टीकों की सूची में आर 21के जुड़ने से उन क्षेत्रों में रहने वाले सभी सभी बच्चों टीके की आपूर्ति होने की उम्मीद है, जहां सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए मलेरिया एक बड़ा जोखिम है।

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाई वैक्सीन

इसके साथ ही टीकाकरण पर विशेषज्ञों के रणनीतिक सलाहकार समूह के साथ एक मीडिया ब्रीफिंग में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा, एक मलेरिया शोधकर्ता के रूप में मैं उस दिन का सपना देखता था जब हमारे पास मलेरिया के खिलाफ एक सुरक्षित और प्रभावी टीका होगा। अब हमारे पास दो हैं। बता दें,इस वैक्सीन को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है।

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने दी जानकारी

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने अपने एक बयान में कहा है कि यह मंजूरी प्री-क्लिनिकल और क्लिनिकल ट्रायल डाटा पर आधारित है, जिसने मौसमी और बारहमासी मलेरिया संचरण दोनों वाले स्थानों पर चार देशों में अच्छी सुरक्षा और उच्च प्रभावकारिता दिखाई, जिससे यह बच्चों में मलेरिया को रोकने के लिए दुनिया का दूसरा डब्ल्यूएचओ अनुशंसित टीका बन गया।

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