
Markarwadi Village: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की ही जीत के चर्चे है। मगर अभी तक महाराष्ट्र के सीएम पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। लेकिन इसी बीच, विपक्ष ने एक बार फिर EVM पर सवाल उठाया है। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के मरकरवाडी गांव के लोगों को EVM के नतीजे पर शक है। इसलिए अब गांव वालों ने बैलेट पेपर से पुनर्मतदान के बैनर लगा दिए हैं। लेकिन प्रशासन ने पुनर्मतदान रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें, मालशिरस सीट से NCP(शरद पवार) गुट से उत्तमराव शिवदास जानकर ने जीत हासिल की है। लेकिन मरकरवाडी गांव के लोगों का कहना है कि उत्तमराव जानकर को हमारे गांव के बूथ पर बीजेपी उम्मीदवार राम सतपुते के मुकाबले 80 फीसदी से ज्यादा वोट दिए गए। लेकिन EVM की वोटिंग के अनुसार, उत्तमराव को सिर्फ 1,003 वोट मिले हैं। जबकि सतपुते को 843 मत मिले हैं। गांव वालों का दावा है कि सतपुते को उनके गांव से 100-150 से ज्यादा वोट भी नहीं मिले होंगे। तो ऐसे में वो कैसे जीत सकते है।
प्रशासन ने गांव वालों की मांग ठुकराई
मिली जानकारी के अनुसार, गांव वालों का कहना है कि EVM के नतीजे संदिग्ध हैं। गांव वालों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से संपर्क कर मतपत्रों के जरिए पुनर्मतदान की मांग की है। लेकिन प्रशासन ने गांव वालों की मांग को ठुकरा दिया है।
इलाके में धारा 163 लागू
इसलिए गांव वालों ने अपने स्तर पर दोबारा वोटिंग कराए जाने का फैसला लिया है। इसके लिए गांव वालों ने बैनर भी लगा दिए है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि 3 दिसंबर को बैलेट पेपर से'पुनर्मतदान' किया जाएगा। लेकिन मालशिरस के SDMने इस मामले का संज्ञान लेते हुए इलाके में 2 से 5 दिसंबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
बता दें, महाराष्ट्र में 20 नवंबर को एक ही चरण में 288 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए थे। जिसके नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए गए। महायुति ने राज्य की 288 सीटों में से 233 सीटें जीतीं। जिसमें BJPने 132 सीटें जीती। वहीं, शिवसेना ने 57 और अजित पवार की एनसीपी ने 41 सीटें हासिल की। दूसरी तरफ, महा विकास अघाड़ी ने कुल 49 सीटें हासिल की। शिवसेना (यूबीटी) 20, कांग्रेस 16 और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) 10 सीटें हासिल कर सकीं।
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