
नई दिल्ली: मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है, यह कविता तो आप में से ज्यादातर लोगों ने सुनी होगी। वहीं आप में से अधितर लोगों को ये पता होगा कि मछली बीना पानी के नहीं रह सकती है। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया में कुछ ऐसी भी मछलीयां है जो बीना पानी के रह सकती है। आज हम आपको ऐसी ही कुछ मछलीयों के बारे मे बताने वाले है जो पानी के बगेर तीन साल तक रह सकती है।
बता दे कि, इस मछली को लंगफिश के नाम से जना जाता है। आज लंगफिश की दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका औऱ ऑस्ट्रेलिया में केवल छह प्रजातियां पाई जाती है। दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में पाई जाने वाली लंगफिश कीचड़ मे खुद को छिपाकर भी जिंदा रह सकती है। इतना ही नहीं बल्कि यह सूखे मैदान में पानी के बिना कई दिनों तक जिंदा रह सकती है। कई अध्ययनों में पाया गया कि यह मछली दो से चार वर्ष तक पानी के बाहर जीवित रह सकती है। यह छोटे पौधों के साथ-साथ अन्य छोटी-छोटी मछलियों, कीड़ों आदि को भोजन के रूप में ग्रहण करती है।
वहीं अकसर ऐसा देखा गया है कि तालाब सूख जाने पर उसकी मिट्टी खोदकर अपने कच्चे घरों की दीवार बना लेती है। ऐसा ही अफ्रीका में भी किया जाता है। वहां के लोग तालाब की मिट्टी से बड़े-बड़े डले बनाकर अपने कच्चे घरों का निर्माण करते है। इसी मिट्टी के अंदर अपने खोल में छिपी लंगफिश लोगों के घरों की दीवारों में पहुंच जाती है। जिसके बाद ये मछली दीवारों में रहती है और बारिश का मोसम दौबारा आने पर तलाब में वापस लोट आती है।
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