
Middle East War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में सिंगापुर झंडे वाला लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) से भरा कार्गो जहाज Pyxis Pioneer रविवार को कर्नाटक के मंगलुरु स्थित न्यू मैंगलोर पोर्ट पर पहुंच गया। यह जहाज अमेरिका के टेक्सास से LPG लेकर आया है।
सरकार ने उठाया खास कदम
इससे एक दिन पहले Aqua Titan नाम का एक और बड़ा टैंकर भी इसी पोर्ट पर पहुंचा था, जो करीब 1.1 लाख टन कच्चा तेल (Urals crude) लेकर आया है। खास बात यह है कि यह जहाज रूस के प्रिमोर्स्क से चीन के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में ही भारत की ओर मोड़ दिया गया। सरकार ने भी हालात को देखते हुए राहत भरे कदम उठाए हैं। शिपिंग मंत्रालय ने 14 मार्च से 31 मार्च तक न्यू मैंगलोर पोर्ट पर कच्चे तेल और LPG से जुड़े सभी कार्गो चार्ज माफ कर दिए हैं। इससे आयात को बढ़ावा मिलेगा और सप्लाई आसान होगी।
गैस की सप्लाई हुई मजबूत
इससे पहले गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भी तीन भारतीय जहाज Shivalik, Nanda Devi और Jag Laadki LPG लेकर पहुंचे थे। ये जहाज अलग-अलग दिनों में पोर्ट पर पहुंचे, जिससे देश में गैस सप्लाई मजबूत हुई है। दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद यह पूरा तनाव शुरू हुआ। जवाब में ईरान ने भी हमले किए और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आवाजाही को प्रभावित किया। यह रास्ता दुनिया के करीब 20% तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है, इसलिए इससे वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है।
नहीं हो रही पैनिक बुकिंग
हालांकि, भारत के लिए राहत की बात यह है कि फारस की खाड़ी में मौजूद 22 भारतीय जहाज और 611 नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार लगातार उनकी निगरानी कर रही है और किसी भी तरह की समुद्री घटना की खबर नहीं है। वहीं, LPG को लेकर देश में घबराहट भी अब कम हो गई है। गुरुवार को करीब 55 लाख LPG बुकिंग दर्ज हुई, लेकिन अब पैनिक बुकिंग नहीं हो रही है। सरकार का कहना है कि देश में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कहीं भी कमी नहीं है। कुल मिलाकर, वैश्विक संकट के बीच भारत सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखने और लोगों को राहत देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
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