पुलिस वाले का बेटा कैसे बना जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह

पुलिस वाले का बेटा कैसे बना जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह

नई दिल्ली: पंजाब के मशहूर सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई है और जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्रोई के करीबी गोल्डी बराड़ ने ली है। वहीं सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद अब सभी गैंगस्टर खुलकर सामने आ रहे है। अब नीरज बवाना ने भी सिद्धू मूसेवाला की हत्या की आलोचना की और विक्की डोंगर, बंबिहा गैंग के बाद बिश्नोई को खुली धमकी दी है। नीरज बवाना गैंग ने दो दिन के भीतर सिद्धू की हत्या का बदला लेने की बात कहीं है। 

आपको बता दें कि बिश्नोई ने कुछ सालों पहले एक्टर सलमान खान को खुलें में जान से मारने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं बहुचर्चित ओलंपियन सुशील पहलवान को भी जान से मारने की धमकी दी थी। फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। लेकिन एक दूसरे केस में बिश्नोई को 5 दिन की रिमांड पर लिया गया है। वहीं अब सिद्धू  केस में भी उससे पूछताछ की जाएगी। 700 से भी ज्यादा शार्प शूटर का लीडर लॉरेंस बिश्नोई का बैकग्राउंड बहुत कम लोग जानते है। बता दें कि बिश्नोई पंजाब पुलिस के एक कॉन्स्टेबल का बेटा है।

आइए आपको बता दें कि पुलिस का बेटा कैसे बना गैंगस्टर? कैसे उसने जुर्म की दुनिया में पैर रखा?

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जन्म सन् 1992 में पंजाब के अबोहर में हुआ था। वह बिश्नोई समाज से ताल्लुक रखता है। उसके पिता लविंदर सिंह एक पूर्व पुलिस कांस्टेबल और मां गृहिणी है। लॉरेंस बिश्नोई ने चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की थी। उसने स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) की स्थापना की थी। साल 2008 में सोपु की ओर से विद्यालय में छात्र संघ का चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गया था। छात्र संघ का चुनाव हारने के बाद लॉरेंस बिश्नोई की दूसरे पक्ष से दुश्मनी हो गई, जिसने उसे चुनाव में हराया था।

हार के बाद एक दिन दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और फायरिंग करने लगे। इस वारदात ने लॉरेंस की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया। सामने वाले पक्ष ने एक साजिश के तहत लॉरेंस की गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी थी। जिसके बाद बिश्नोई ने एक गैंग बनाई जो रंगदारी, ड्रग्सद तस्करी, जमीन कब्जाने और हत्याओं को अंजाम देता है।

जानकारी के अनुसार, बिश्नोई गैंग मेक्सिको, इटली और थाईलैंड में बैठे अपने साथियों के साथ मिलकर रंगदारी, ड्रग्सक तस्करी, जमीन कब्जा और हत्याओं को अंजाम देता है और इनके निशाने पर बॉलीवुड सेलिब्रिटी, पंजाबी सिंगर और एक्ट्रेस होते हैं। लॉरेंस बिश्नोई के कथित रूप से अंतरराष्ट्रीरय ड्रग ट्रैफिकर अमनदीप मुल्ताकनी के साथ ताल्लुकात हैं। मुल्ताजनी मेक्सिकन ड्रग कार्टेल्स‍ से जुड़ा हुआ है। उसे इसी साल अप्रैल में अमेरिकी एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। बिश्नोई का दूसरा इंटरनेशनल कॉन्टेाक्टं यूके में रहने वाला मॉन्टीथ था, जिसके इटालियन माफिया से रिश्तेन थे।

क्यों बनाया था मूसेवाला को गोल्डी बराड़ ने निशाना?

अक्टूबर 2020 में गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई और SOPU के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गुरलाल बराड़ की हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, गुरलाल की हत्या में कथित तौर पर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान का हाथ था। पिछले साल की शुरुआत में बिश्नोई गैंग ने गुरलाल पहलवान को मार दिया। इस हत्या का बदला लेने के लिए, उसके सहयोगियों ने युवा अकाली दल के नेता विक्रमजीत सिंह मिड्दुखेड़ा की पिछले साल के अंत में हत्या कर दी थी। इस हत्या में मूसेवाला के मैनेजर शगुनप्रीत का नाम आया। मूसेवाला कांग्रेसी थे, इसलिए मूसेवाला को विक्रमजीत की हत्या के लिए जिम्मेदार माना जाने लगा। गोल्डी बराड़ ने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए आरोप लगाया था कि अपने रसूख के कारण मूसेवाला पुलिस से बच गया। तब से वह बिश्नोई गैंग के रडार पर था।

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