
Sandeep Ghosh Property: ED ने मंगलवार यानी 10 सितंबर को कोलकाता के आरजी कर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष को लेकर कई खुलासे किए है। कोलकाता रेप और मर्डर केस में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद जांच कर रही ED ने बताया कि तलाशी के दौरान संदीप घोष के घर से संपत्ति के कई दस्तावेज मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि उनके पास करोड़ों की दौलत थी।
ED के मुताबिक, उनके पास कोलकाता के पॉश इलाके में 3 आलीशान फ्लैट हैं। वहीं उनकी पत्नी डॉ. संगीता घोष के पास पश्चिम बंगाल सरकार की अनुमति के बिना दो अचल संपत्तियां हैं। उनके नाम पर भी 2 फ्लैट और एक फार्महाउस है।
करोड़ों की संपत्ति होने के सबूत मिले
ED ने बताया कि डॉ. संदीप घोष आरजी कर कॉलेज में प्रिंसिपल थे, तो वहीं उनकी पत्नी भी उसी मेडिकल कॉलेज में एसिस्टेंड प्रोफेसर थीं। भ्रष्टाचार का मामला सामने आते ही इनके घर पर जब छापेमारी की गई, तो करोड़ों की संपत्ति होने के सबूत मिले है। ED ने जांच में संदीप घोष के घर से कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। EDने कहा कि इन सबूतों से साफ पता चलता है कि भ्रष्टाचार से मिले पैसों से ही उन्होंने इतनी सारी संपत्ती खरीदी है।
बिना अनुमति खरीदी दो प्रॉपर्टी
जांच के दौरान पता चला कि डॉ. संदीप घोष की पत्नी डॉ. संगीता घोष ने राज्य सरकार की अनुमति के बिना दो प्रॉपर्टी खरीदी थीं। जिसके बाद ED ने उनसे उनकी सारी संपत्तियों और बैंक खातों का विवरण मांगा है। इसके साथ संदीप के बैंक खाते से लेनदेन से जुड़े सभी दस्तावेज CBI कार्यालय में जमा कर दिए हैं।
मंजूरी के बिना ही लोगों की भर्ती
आपको बता दें, इससे पहले CBI ने संदीप घोष के बेलेघाटा स्थित घर की तलाशी ली थी। जिससे पता चला कि 2022-23 में 84 MBBS हाउस स्टाफ की अवैध नियुक्ति की गई यानी रिक्रूटमेंट कमेटी की मंजूरी के बिना ही लोगों की भर्ती की गई थी। और उन्होनें बिना लाइसेंस वाली 3 कंपनियों को टेंडर भी दिया, जिसके बदले उन्हें अच्छा कमीशन भी मिला। इन सभी आरोपों की वजह से संदीप घोष को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसी बीच संदीप घोष समेत 4 आरोपियों को CBI की विशेष अदालत में पेश किया गया, लेकिन अदालत ने उन्हें 23 सितंबर कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। दिलचस्प बात है कि सीबीआई ने कोर्ट से उनकी कस्टडी की डिमांड नहीं की। इसके बावजूद अदालत ने ये फैसला सुनाया।
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