क्या होता है डार्क टूरिज्म? जिसे लेकर चिंतित है केरल पुलिस, जारी किया गया अलर्ट

क्या होता है डार्क टूरिज्म? जिसे लेकर चिंतित है केरल पुलिस, जारी किया गया अलर्ट

What Is Dark Tourism: वायनाड में विनाशकारी भूस्खलन के बाद चल रहे बचाव प्रयासों के बीच, केरल पुलिस ने पर्यटकों को 'डार्क टूरिज्म' के खिलाफ चेतावनी जारी की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर पर्यटकों से अपील की है कि वे भूस्खलन प्रभावित इलाकों में न आएं क्योंकि इससे बचाव कार्यों में दिक्कत आ सकती है।

बता दें कि, केरल पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी दी, “कृपया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा न करें।इससे बचाव अभियान प्रभावित होगा।”

डार्क टूरिज्म क्या है?

डार्क टूरिज्म का अर्थ है मृत्यु और त्रासदी से जुड़े स्थानों पर घूमने जाना। यानी जब लोग किसी दुर्घटना या घटना वाली जगह पर देखने जाते हैं तो इसे डार्क टूरिज्म कहा जाता है।

वर्ष 1996 में चलन में आया ये शब्द

पिना ट्रैवल्स ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि डार्क टूरिज्म शब्द 1996 में ग्लासगो कैलेडोनियन यूनिवर्सिटी के जे.द्वारा इजाद किया गया था। यह शब्द लोगों द्वारा पीड़ा या आपदा से चिह्नित स्थानों की यात्रा को संदर्भित करता है। इन जगहों में अत्याचार, प्राकृतिक आपदाएँ, नरसंहार या कुख्यात मौतों की जगहें शामिल हैं। इस कारण सेकेरल पुलिस ने लोगों से सहयोग करने और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने का आग्रह किया है ताकि बचाव और राहत अभियान सुचारू रूप से चलाया जा सके।

हादसे में अब तक 344 से ज्यादा लोगों की मौत

इस हादसे में अब तक 344 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी सैकड़ों लोगों के लापता होने की आशंका है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। वायनाड में भूस्खलन के पांच दिन बीत जाने के बाद भी बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। 1,300 से अधिक बचावकर्मी भारी मशीनों और अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

 

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