शगुन के लिफाफे में क्यों दिए जाते है एक रुपए के सिक्के, जानें इस रहस्य का सच

शगुन के लिफाफे में क्यों दिए जाते है एक रुपए के सिक्के, जानें इस रहस्य का सच

नई दिल्ली: आपने अक्सर देखा होगा कि शादी या किसी शुभ अवसर पर लोग शगुन के लिफाफे देते है। जिसके साथ 1 रूपए का सिक्का दिया जाता है, लेकिन क्या आप जानते है कि लोग ऐसा क्यों करते है। वहीं अगर आप यह सोचते है कि इसके पीछे कोई अंधविश्वास है तो आप गलत सोच रहे है क्योंकि इसके पीछे एक वजह छिपी हुई है। इसके साथ आज हम आपको इस अनोखे रहस्य के बारे में बताने वाले है।

बता दे कि, शगुन देते समय हमेशा 101, 251 रूपए दिए जाते है। इसका मतलब है कि जब आशीर्वाद के रूप में 1 रुपए का सिक्का जोड़कर देते हैं तो आपकी शुभकामनाएं अविभाज्य हो जाती हैं। इस तरह शगुन प्राप्त करने वाले इंसान के लिए वो 1 रुपया वरदान बन जाता है। शगुन का 1 रुपया निवेश का चिन्ह माना जाता है। बताते चलें, 1 रुपए को बेहद शुभ माना जाता है इसलिए शगुन के लिफाफे में 1 रुपए क सिक्के को खर्चना मना किया जाता है। इसे विकास का बीज माना जाता है। इसके अलावा शेष धनराशि को खर्च कर सकते हैं।

दरअसल, धार्मिक शास्त्रों के अनुसार सिक्के को मां लक्ष्मी का अंश माना जाता है। धातु को मां लक्ष्मी का अंश माना जाता है। कोई धातु धरती के अंदर से ही आती है। इसलिए, इसे देवी लक्षमी का अंश माना जाता है। ऐसे में शगुन के रूप में दान दिया जा रहा 1 रुपए का सिक्का अगर धातु का हो तो और भी सोने पर सुहागा हो जाता है। ऐसा करने से दान देने वाले और दान लेने वाले दोनों का सौभाग्य बढ़ जाता है। शगुन के रूप में दान में दिया गया एक्स्ट्रा 1 रुपए का सिक्का कर्ज माना जाता है। उस 1 रुपए को देने का मतलब ये होता है कि प्राप्तकर्ता पर कर्ज चढ़ गया है। अब, उसे दानदाता से फिर मिलना होगा और उस कर्ज को उतारना होगा। ये एक रुपया वृद्धि का प्रतीक होता है। जिससे आपसी रिश्ते भी मजबूत होते हैं।

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