Kalashtami Vrat 2024: 27 या 28 जुलाई...किस दिन है कालाष्टमी व्रत, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Kalashtami Vrat 2024:  27 या 28 जुलाई...किस दिन है कालाष्टमी व्रत, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Kalashtami Vrat 2024 Date:  हिंदू धर्म में भगवान काल भैरव की पूजा के लिए समर्पित कालाष्टमी तिथि को सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक कालाष्टमी हर माह कृष्ण पक्ष की अप्टमी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शुभ तिथि में पूजा-पाठ करने से दुख-दरिद्रता से छुटकारा मिलता है।

बता दें कि पौराणिक कथाओं के मुताबिक, इस दिन को कालाष्टमी इसलिए कहते हैं क्योंकि इस तिथि के दिन भगवान काल भैरव प्रकट हुए थे। मान्यता ये है कि यह शुभ तिथि भगवान भैरव से असीम शक्ति प्राप्त करने की तिथि मानी जाती है। इसलिए इस दिन पूजा और व्रत करने का विशेष महत्व है। इस बार हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 27 जुलाई के दिन शनिवार को रात 9 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी और 28 जुलाई के दिन रविवार को रात 7 बजकर 27 पर समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, कालाष्टमी का पर्व 28 जुलाई के दिन रविवार को मनाया जाएगा।

मासिक कालाष्टमी की पूजा विधि

कालाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें।

पूजा के स्थान को अच्छी तरह से साफ करें और फिर एक वेदी पर भैरव बाबा की प्रतिमा स्थापित करें।

फिर पंचामृत से कालभैरव की प्रतिमा का अभिषेक करें और इत्र लगाएं।

इसके बाद फूलों की माला अर्पित करें, साथ ही चंदन का तिलक लगाएं।

भगवान काल भैरव को फल, मिठाई, घर पर बने प्रसाद का भोग लगाएं।

भगवान के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काल भैरव अष्टक करें।

आखिर में आरती से पूजा को समाप्त करें और अंत में पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमायाचना करें।

अगले दिन व्रती इसी प्रसाद से अपना व्रत खोल सकते हैं और जरूरतमंदों को भोजन खिलाएं और उनकी सहायता करें।

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