आतंकी अब्दुल रहमान मर्डर केस में जेल सुपरिटेंडेंट पर गिरी गाज, सुरक्षा चूक हुई उजागर

आतंकी अब्दुल रहमान मर्डर केस में जेल सुपरिटेंडेंट पर गिरी गाज, सुरक्षा चूक हुई उजागर

Faridabad News: नीमका जेल में रविवार रात आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के बाद जेल सुपरिटेंडेंट हरेंद्र सिंह और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ सिक्योरिटी सचिन कौशिक पर गाज गिरी है। सरकार ने दोनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे थे। बुधवार यानी 11 फरवरी को DGP आलोक मित्तल ने जेल का निरीक्षण किया और सभी पहलुओं पर जांच की, जेल स्टाफ और कैदियों से पूछताछ भी की गई थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। वहीं, गुरुवार यानी 12 फरवरी को सरकार ने दोनों को सस्पेंड करने के आदेश दिए।

अलकायदा से जुड़ा था आतंकी

बता दें कि आतंकी अब्दुल रहमान अल कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट से जुड़ा था और कुख्यात आतंकी अबू सुफियान के संपर्क में था। उसे 2 मार्च, 2025 को एटीएस गुजरात और हरियाणा एसटीएफ की टीम ने अरेस्ट किया था। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और दूसरी आपत्तिजनक सामाग्री बरामद हुई थी। वह तब से जेल में कैद था। बता दें कि जेल में उसकी हत्या करने वाला गैंगस्टर अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जाट जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर का निवासी है। दिसंबर 2023 में सांबा के रहने वाले अक्षय शर्मा की हत्या के बाद उसका नाम सामने आया। उसे अक्टूबर 2024 में जम्मू-कश्मीर की कठुआ जेल से नीमका जेल में भेजा गया था।

नीमका जेल में बंद था अब्दुल रहमान

बता दें कि अरुण चौधरी को घटना से ठीक 20 दिन पहले नीमका जेल के चक्की सेल में ट्रांसफर किया गया था। वह पहले से ही अब्दुल रहमान और दूसरे कैदी शोएब रियाज के साथ उसी सेल में कैद था। रविवार रात को उसने अब्दुल रहमान के सिर पर पत्थर से कई बार हमला करके उसकी हत्या कर दी।

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