
नई दिल्ली: धरती पर डॉक्टर को भगवान का रूप माना जाता है। छोटी-सी चोट तक के लिए हम डॉक्टर से सलाह लेते हैं। कई बार किसी गंभीर बीमारी के होने या किसी अन्य वजह से मरीज का ऑपरेशन करना पड़ता है। अब आप ये सोच रहे होंगे कि ये सब बातें, तो आप भी जानते हैं, लेकिन टीवी से लेकर असल जिंदगी तक आपने इस बात पर जरूर ही गोर किया होगा कि ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टर और नर्स केवल हरे और नीले रंग के कपड़े ही पहनते हैं। पर आपने कभी ये सोचा है कि ऐसा क्यों होता है।
आपने अक्सर इस बात पर ध्यान दिया होगा कि जब भी कोई इंसान तेज रौशनी से घर के अंदर प्रवेश करता है तो थोड़े समय के लिए उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है। इस दौरान अगर आप हरे या नीले रंग के संपर्क में आते हैं, तो आपकी आंखों को आराम मिलता है। ऐसा ही कुछ डॉक्टर के साथ भी होता है। ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टर और नर्स को फोकस की जरूरत होती है, ये दोनों ही रंग आंखों को आराम देने में मददगार माने जाते हैं, यही वजह है कि ऑपरेशन के समय नर्स और डॉक्टर दोनों केवल नीले और हरे रंग के कपड़े पहनते हैं।
किसी भी बात को यू ही मान लेना थोड़ा मुश्किल होता हैं, तो चलिए अब इस बात को लेकर विज्ञान क्या कहता है, वो भी जान लेते हैं। दरअसल इंसान का शरीर कुछ ऐसे है कि वो लाल, हरा और नीला इन तीनों रंगों को आसानी से देखने में सक्षम है। लेकिन सूरज की रोशनी के साथ रंग मिलकर अलग रंग का निर्माण करते हैं, जिन्हें हमारी आंखें बड़ी आसानी से कैच कर लेती हैं. सर्जरी के दौरान भी ऑपरेशन थियेटर कई तरह की लाइट भी जलाई जाती हैं। ऐसे में आंखों को सर्जरी के दौरान किसी भी प्रकार का कोई कन्फ्यूजन ना हो इससे बचने के लिए इन दोनों रंगों का उपयोग किया जाता है।
Leave a comment