INS Tushil: भारतीय नौसेना के बेड़े में आ गया नया योद्धा, जानें इसकी 5 अहम खासियतें

INS Tushil: भारतीय नौसेना के बेड़े में आ गया नया योद्धा, जानें इसकी 5 अहम खासियतें

INS Tushil Indian Navy: भारत की नौसेना को अगले हफ्ते एक महत्वपूर्ण जंगी जहाज मिल रहा है। रूस से प्राप्त होने वाला पहला स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट 'INSतुशिल' 9दिसंबर 2024को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस यात्रा के दौरान इस फ्रिगेट का औपचारिक कमिशनिंग समारोह करेंगे।

बता दें कि,INSतुशिल भारत का पहला गाइडेड मिसाइल युद्धपोत है, जिसे रूस ने विशेष रूप से भारत के लिए तैयार किया है। यह प्रोजेक्ट 1135.6के तहत विकसित एक एडवांस्ड क्रिवाक III श्रेणी का फ्रिगेट है। भारतीय नौसेना पहले से छह ऐसे रूस में बने फ्रिगेट चला रही है, लेकिन INSतुशिल तकनीकी दृष्टि से काफी अधिक सक्षम है।

ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है INSतुशिल

INSतुशिल एक 4,000टन वजनी मल्टी-रोल फ्रिगेट है, जिसे ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल जैसी अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया गया है। ये मिसाइल भारतीय नौसेना की सामरिक शक्ति को और भी मजबूत करेंगी, जिससे तुशिल समुद्र में विभिन्न प्रकार के मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकेगा।

भारतीय नौसेना में कब शामिल हो रहा है INSतुशिल

INSतुशिल फिलहाल रूस के कैलिनिनग्राद स्थित यंतर शिपयार्ड में तैयार हो रहा है। 9दिसंबर को इसे भारतीय दल को सौंपा जाएगा, जिसमें 200से अधिक अधिकारी और नाविक शामिल होंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में कमिशनिंग समारोह का आयोजन होगा। इसके साथ ही, भारत-रूस सैन्य और तकनीकी सहयोग आयोग (IRIGC-M&MTC) की बैठक में भी वह हिस्सा लेंगे।

INSतमाल की डिलीवरी

इसके बाद, भारतीय नौसेना को रूस से दूसरा स्टील्थ फ्रिगेट 'INSतमाल' प्राप्त होने की उम्मीद है। यह फ्रिगेट भी अत्याधुनिक हथियारों और स्टील्थ तकनीक से लैस होगा। हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण INSतुशिल और अन्य सैन्य उपकरणों की डिलीवरी में देरी हो रही है। रूस से एस-400मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी भी 2026तक टलने की संभावना है।

INSतुशिल की भारतीय नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री ताकत में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और भारत-रूस सैन्य सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

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