इंदौर में दूषित पानी से मौत के बाद निगम आयुक्त बदले गए, मुख्य सचिव ने की नई नियुक्ति

इंदौर में दूषित पानी से मौत के बाद निगम आयुक्त बदले गए, मुख्य सचिव ने की नई नियुक्ति

Indore Water Contamination Case: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इस गंभीर मामले के बाद राज्यपाल के आदेश पर मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्त को बदल दिया। मुख्य सचिव ने क्षितिज सिंघल को नया नगर निगम कमिश्नर नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।  इससे पहले यह जिम्मेदारी पूर्व निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव के पास थी, जिन्हें अब इस पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य नगर निगम में लापरवाही और दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जिम्मेदारी तय करना बताया गया है।

सीएम ने शेयर का जानकारी

सीएम मोहन यादव ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दिलीप कुमार यादव को हटाने की सूचना साझा की। उन्होंने कहा कि लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी को माफ नहीं किया जाएगा। बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने के कारण कई लोगों की मौत हुई। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इस घटना में करीब 15 लोगों की जान गई। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस दावे की अभी तक पुष्टि नहीं की है।

राज्य सरकार ने दिए निर्देश

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 29 दिसंबर, 2025 से डायरिया के मामले बढ़ने लगे। 2 जनवरी, 2026 तक लगभग 294 मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए, जबकि 93 लोग डिस्चार्ज किए गए। इसमें ये साफ दिखता है कि दूषित पानी ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा असर डाला। सीएम मोहन यादव ने इस घटना के बाद 16 नगर निगमों के मेयर, अध्यक्ष और कमिश्नरों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सख्ती से निगरानी रखने और समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

प्रदेश सरकार ने कहा है कि शहरवासियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी नगर निगमों में स्वास्थ्य और पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस कार्रवाई के साथ ही इंदौर प्रशासन ने संदेश दिया है कि जन स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। 

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