Waqf Board क्या है, कैसे करता है काम? केंद्र सरकार क्यों इसकी शक्तियों को करना चाहती है कंट्रोल

Waqf Board क्या है, कैसे करता है काम? केंद्र सरकार क्यों इसकी शक्तियों को करना चाहती है कंट्रोल

What is Waqf Board: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम करने की योजना बना रही है। जल्द ही वक्फ बोर्ड एक्ट में संशोधन का बिल संसद में पेश किया जाएगा। उम्मीद है कि सरकार इसे आज यानी 5 अगस्त को ही संसद में लाने जा रही है। इस नए बिल में किसी भी जमीन को अपनी संपत्ति यानी वक्फ संपत्ति घोषित करने की शक्ति पर रोक लग जाएगी।

क्या है वक्फ बोर्ड का मतलब?

वक्फ का अर्थ है 'अल्लाह के नाम पर', यानी ऐसी ज़मीनें जो किसी व्यक्ति या संस्था के नाम पर नहीं हैं। वक्फ बोर्ड का एक सर्वेयर होता है। वह तय करता है कि कौन सी प्रापर्टी वक्फ बोर्डकी है और कौन सी नहीं। इस निर्धारण के तीन आधार हैं- यदि किसी ने अपनी प्रापर्टी वक्फ के नाम कर दी है, यदि कोई मुस्लिम या मुस्लिम संस्था लंबे समय से उस जमीन का उपयोग कर रही है या यदि सर्वेक्षण में वह जमीन वक्फ संपत्ति साबित हुई है। वक्फ बोर्ड मुस्लिम समुदाय की जमीनों पर नियंत्रण के लिए बनाया गया था। जिसे इन जमीनों के दुरुपयोग को रोकने और अवैध तरीकों से इनकी बिक्री को रोकने के लिए बनाया गया था। 

वक्फ बोर्ड कैसे काम करता है?

वक्फ बोर्ड देशभर में जहां भी कब्रिस्तान की घेराबंदी करता है, उसके आसपास की जमीन को भी अपनी संपत्ति घोषित कर देता है। वक्फ बोर्ड इन कब्रों और आसपास की जमीनों पर कब्जा कर लेता है। चूँकि 1995 का वक्फ अधिनियम कहता है कि यदि वक्फ बोर्ड को लगता है कि कोई जमीन वक्फ संपत्ति है, तो इसे साबित करने की जिम्मेदारी उस पर नहीं है, बल्कि जमीन के असली मालिक पर है कि वह बताए कि उसकी जमीन वक्फ की नहीं है।

1995 का कानून यह जरूर कहता है कि वक्फ बोर्ड किसी निजी संपत्ति पर दावा नहीं कर सकता, लेकिन यह कैसे तय होगा कि संपत्ति निजी है? अगर वक्फ बोर्ड को सिर्फ यह लगता है कि कोई संपत्ति वक्फ की है तो उसे कोई दस्तावेज या सबूत पेश करने की जरूरत नहीं है। सारे कागजात और सबूत उस व्यक्ति को देने होंगे जो अब तक दावेदार रहा है। कौन नहीं जानता कि कई परिवारों के पास जमीन के पुख्ता कागजात नहीं हैं। वक्फ बोर्ड इसका फायदा उठाता है क्योंकि उसे कब्जा लेने के लिए कोई कागज जमा नहीं करना पड़ता है।

वक्फ बोर्ड को मिली हैं ये शक्तियां

अगर आपकी संपत्ति वक्फ संपत्ति घोषित हो जाती है तो आप इसके खिलाफ कोर्ट नहीं जा सकते। आपको वक्फ बोर्ड में ही अपील करनी होगी। अगर वक्फ बोर्ड का फैसला आपके खिलाफ आता है तो भी आप कोर्ट नहीं जा सकते। फिर आप वक्फ ट्रिब्यूनल में जा सकते हैं। इस न्यायाधिकरण में प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। इसमें गैर-मुस्लिम भी हो सकते हैं। वक्फ एक्ट की धारा 85 कहती है कि ट्रिब्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती।

वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम करने की तैयारी में केंद्र सरकार

मोदी सरकार ने अब वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम करने का प्लान बनाया है। केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड की असीमित शक्तियों पर अंकुश लगाने के लिए संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इनमें वक्फ संपत्तियों का अनिवार्य सत्यापन शामिल है। इससे संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने का प्रयास किया जाएगा।

भारत में 8.7 लाख से अधिक संपत्तियां हैं और कुल लगभग 9.4 लाख एकड़ भूमि वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आती है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत वक्फ बोर्ड के दावों का सत्यापन अनिवार्य होगा। ऐसी ही अनिवार्य सत्यापन उन संपत्तियों के लिए भी प्रस्तावित किया गया है जिनके लिए वक्फ बोर्ड और व्यक्तिगत मालिकों द्वारा दावे और प्रति-दावे किए गए हैं। संशोधन बिल 5 अगस्त को संसद में पेश किया जा सकता है।

 

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