
Farmers March To Delhi: किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने शनिवार को बताया कि उनका विरोध प्रदर्शन रविवार को 300दिन पूरा कर लेगा। शंभू बॉर्डर पर शुक्रवार को हरियाणा पुलिस से हुई झड़प में 16किसान घायल हो गए थे। अगर मामूली घायलों को भी शामिल किया जाए तो यह संख्या 25तक हो सकती है। पंढेर ने यह भी कहा कि इनमें से एक किसान की सुनने की क्षमता चली गई है।
किसानों को दिल्ली जाने की नहीं मिली अनुमति
किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अब तक कोई ठोस सूचना नहीं मिली है। साथ ही, दिल्ली जाने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। पंढेर ने शंभू बॉर्डर पर एसकेएम और KMM के नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका आंदोलन सरकार की नीतियों के खिलाफ है और यह सरकार का असली चेहरा उजागर कर रहा है। उन्होंने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी देने की घोषणा पर भी सवाल उठाए, जबकि किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है।
पुलिस और किसानों के बीच झड़पें, आंसू गैस का प्रयोग
शुक्रवार को 101किसानों का जत्था न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों के लिए शंभू बॉर्डर से दिल्ली की ओर बढ़ रहा था। इस दौरान हरियाणा पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए और अंबाला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी। जब किसानों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस संघर्ष में कई किसान घायल हुए, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
सरकार आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही- किसान
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार का बल प्रयोग किसानों के खिलाफ अत्याचार है। घायलों को अस्पताल भेजने के लिए मौके पर एंबुलेंस मौजूद थीं। वहीं, हरियाणा पुलिस ने दावा किया कि किसानों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और कुछ प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे। पुलिस ने घटनास्थल की कुछ तस्वीरें भी जारी की, जिनमें किसानों को बैरिकेड्स तोड़ते हुए दिखाया गया।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं।
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