Excise Policy: दिल्ली शराब घोटाला मामले में क्यों हुई थी केजरीवाल की गिरफ्तारी? CBI और ED की जांच में क्या फर्क

Excise Policy: दिल्ली शराब घोटाला मामले में क्यों हुई थी केजरीवाल की गिरफ्तारी? CBI और ED की जांच में क्या फर्क

Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। उन्हें CBIने 24 जून को गिरफ्तार किया था। यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली सरकार ने कोरोना काल के दौरान नई शराब नीति लागू की थी, जिसके बाद कई अनियमितताओं की शिकायतें आईं।

आबकारी नीति घोटाले की पूरी कहानी

कोरोना महामारी के दौरान, दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली आबकारी नीति 2021-22' को लागू किया। इस नीति के तहत शराब की बिक्री और वितरण में कई बदलाव किए गए थे। इस नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे, जिससे उपराज्यपाल ने CBIजांच की सिफारिश की।

इस नई नीति को बाद में रद्द कर दिया गया था, लेकिन इसका विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था। अगस्त 2022 में, CBIने FIRदर्ज की और 15 आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू की। इसके बाद, EDने भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू की।

CBIऔर EDकी जांच

CBIऔर EDदोनों ही इस मामले की अलग-अलग जांच कर रही हैं:

CBI:नई शराब नीति में प्रक्रियागत गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच कर रही है। CBIने अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार आरोपपत्र दायर किए हैं। इनमें दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता और कई अन्य आरोपी शामिल हैं।

ED:मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है। एजेंसी का दावा है कि केजरीवाल ने 'साउथ ग्रुप' से 100 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसमें से 45 करोड़ रुपये गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किए गए।

जांच में क्या नया?

CBIने अदालत में कहा कि दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 को जानबूझकर दोषपूर्ण बनाया गया था ताकि अवैध धन जुटाया जा सके। जांच एजेंसियों का कहना है कि नीति में 12% का थोक लाभ मार्जिन और 185% का खुदरा लाभ मार्जिन शामिल था, जिससे आप के शीर्ष नेताओं को व्यवसायियों से भारी रिश्वत मिली।

EDने हाल ही में अदालत को बताया कि केजरीवाल इस घोटाले के मुख्य आरोपी हैं और उन्होंने साउथ ग्रुप से भारी रकम की मांग की थी।

केजरीवाल की गिरफ्तारी और जमानत की स्थिति

CBIने 25 जून को केजरीवाल को गिरफ्तार किया और उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा। सुप्रीम कोर्ट ने अब उन्हें सशर्त जमानत दे दी है। इससे पहले, 21 मार्च को EDने केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था और वे अभी भी जेल में हैं।

केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद, उनके वकीलों ने CBIकी पूछताछ को गवाह के तौर पर बताया, न कि आरोपी के तौर पर। CBIने इस मामले में कहा कि वे जांच के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही निष्कर्ष पर पहुंचने की संभावना है।

केस में भविष्य की दिशा

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद, केजरीवाल अब बाहर आ सकते हैं, लेकिन जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी। CBIऔर EDदोनों एजेंसियों की निगरानी में यह मामला अभी भी खुला है, और इससे जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।

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