
Kisan Andolan: केंद्र सरकार और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच आज, 14फरवरी 2025को एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कुल 28सदस्य किसानों का प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा, जिसमें मरण व्रत पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भी शामिल होंगे। इस बैठक में 14सदस्य किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और 14सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक (SKM) के होंगे।
गैर राजनीतिक SKM के सदस्य इस बैठक में होंगे शामिल:
1-जगजीत सिंह डल्लेवाल
2-अभिमन्यु कोहड़
3-काका सिंह कोटडा
4-सुखजीत सिंह
5-इंद्रजीत सिंह कोटबूढ़ा
6-सुखजिंदर सिंह खोसा
7-पी आर पांडियन
8-करबरू शांतिकुमार
9-लखविंदर सिंह औलख
10-सुखदेव सिंह भोजराज
11-बचितर सिंह कोटला
12-अरुण सिन्हा
13-हरपाल सिंह बलड़ी
14-इंद्रजीत सिंह पन्नीवाला
यह बैठक चंडीगढ़ के सेक्टर 26स्थित महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट में शाम साढ़े पांच बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक किसान आंदोलन 2.0के एक साल पूरे होने के ठीक एक दिन बाद हो रही है। किसान आंदोलन 2.0का यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां किसान अपनी पुरानी मांगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से स्पष्ट करेंगे। किसानों ने केंद्र सरकार को यह चेतावनी दी है कि अगर इस बैठक में कोई सुलह नहीं होती है, तो वे 25फरवरी को दिल्ली मार्च करेंगे। यह मार्च किसानों का संघर्ष और उनकी निरंतर कोशिशों का प्रतीक होगा।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि यदि यह बैठक विफल होती है, तो किसान अपना आंदोलन और तेज करेंगे और 25फरवरी को दिल्ली की ओर पैदल कूच करेंगे। किसानों ने अपनी एकजुटता और दृढ़ संकल्प को साफ किया है कि वे अपनी अधिकारों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, किसानों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की कृषि बाजार नीति के मसौदे को उनके मांगपत्र में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उनके हितों की रक्षा की जा सके और उन्हें एक बेहतर भविष्य मिल सके।
इस बीच, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की भूख हड़ताल खनौरी बॉर्डर पर 81वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। उनकी भूख हड़ताल किसानों के संघर्ष का एक अहम प्रतीक बन चुकी है, जो यह दर्शाती है कि किसानों का संकल्प मजबूत है और वे अपनी मांगों के लिए आखिरी तक लड़ने के लिए तैयार हैं।
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