
नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने कई कड़े फैसले लिए है। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CSS) की बैठक के बाद पाकिस्तान पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगाए गए है। इन सभी फैसलों में एक निर्णय वाघा-अटारी सीमा पर बने चैकपोस्ट को बंद करने का फैसला लिया गया।
वाघा-अटारी सीमा भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार, यात्रा और सांस्कृतिक का आदान-प्रदान करने के लिए एक प्रमुख रास्ता माना जाता है। लेकिन भारत ने अब इसे भी बंद कर दिया है। मोदी सरकार का यह फैसला एक बड़ा मास्टर-स्ट्रोक बताया जा रहा है। वहीं पाकिस्तान के लिए बड़ा सिरदर्द बनने वाला है।
पाकिस्तान को होगा आर्थिक नुकसान
अटारी-वाघा सीमा भारत और पाकिस्तान के बीच सड़क मार्ग से होने वाले व्यापार का प्रमुख केंद्र है। हालांकि, औपचारिक व्यापार पहले ही काफी हद तक बंद था, छोटे स्तर पर टमाटर, चीनी, चाय, दवाइयां और कच्चे माल का लेन-देन चल रहा था। बॉर्डर बंद होने से यह छोटा व्यापार भी ठप हो जाएगा, जिससे पाकिस्तान के छोटे व्यापारियों को सीधा आर्थिक नुकसान होगा। 2019 में जब पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते तोड़े थे, तब वहां जीवनरक्षक दवाओं और कच्चे माल की कमी हो गई थी। इस बार भी ऐसी ही स्थिति बन सकती है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी और आम जनता प्रभावित होगी। अफगानिस्तान से ड्राई फ्रूट्स और जड़ी-बूटियों जैसे सामानों का व्यापार भी अनिश्चितता का शिकार हो सकता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान होगा
आवागमन पर रोक
बॉर्डर बंद होने से पाकिस्तानी नागरिकों का भारत में प्रवेश पूरी तरह रुक जाएगा। इससे उन लोगों को दिक्कत होगी जो मेडिकल ट्रीटमेंट, शिक्षा या व्यापार के लिए भारत आते थे
सिख और हिंदू श्रद्धालुओं के जत्थे, जो बैसाखी, गुरु पर्व और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए जाते हैं, अगले आदेश तक वहां नहीं जा सकेंगे। इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक आदान-प्रदान पर असर पड़ेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार
वाघा सीमा पर काम करने वाले पाकिस्तानी कुलियों और मजदूरों की आजीविका पर असर पड़ेगा। 2019 में जब व्यापार और आवागमन रुका था, तब पाकिस्तानी कुली भुखमरी का शिकार हुए थे। इस बार भी ऐसी स्थिति बन सकती है। सीमा बंद होने से छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों की कमाई रुक जाएगी, जिससे सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक संकट गहरा सकता है।
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