प्रदूषण का स्तर बढ़ने से इन खतरनाक बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा

प्रदूषण का स्तर बढ़ने से इन खतरनाक बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा

नई दिल्ली: दिन-प्रतिदिन दिल्ली के साथ-साथ आस-पास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। सर्दी के साथ-साथ प्रदूषण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है।इससे लोगों को सांस लेने, आखों में जलन जैसी कई बीमारियां होनी शुरू हो गई है। वहीं दिन-प्रतिदिन AQIका स्तर भी बढ़ता जा रहा है और साथ में बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। वहीं आज हम आपको उन बीमारियों के बारे में बताते है और उनसे बचाव के तरीके भी बताते है।

अस्थमा की बीमारी

सबसे पहले हवा की जहरीली से लोगों को अस्थमा की बीमारी होती है। इसमें लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। इस बीमारी में सीने में दबाव महसूस होता है और खांसी भी होती है। कई लोगों को श्वसन मार्ग में सूजन भी हो जाता है।

 आंखों पर दुष्प्रभाव

हवा के प्रदूषण होने से आंखों में प्रभाव पड़ता है। क्योंकि जहरीली हवा आंखओं को छूती है और इससे आंखों में जलन पैदा हो जाती है जो आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन के साथ-साथ खुजली, लालिमा, दर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर असर

आंखों के अलावा हवा के प्रदूषित होने पर मस्तिष्क में कई प्रकार के परिवर्तन होने लगते है। जो मानसिक बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा देती है। हवा के प्रदूषण होने के कारण शरीर में सूजन हो जाती है। जिसे चिंता विकार और गंभीर स्थितियों में अवसाद के खतरे को बढ़ाने वाला माना जाता है।

दिल का दौरा

वहीं हवा के प्रदूषण से दिल के दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल जहरीली हवा के महीन कण पीएम 2.5 खून में प्रवेश कर जाते हैं। इससे धमनियों में सूजन आने लगती है और फिर दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।

 सीओपीडी का खतरा (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज)

दरअसल क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज सांस संबंधी बीमारी है, जिसमें रोगी को सांस लेने में मुश्किल होती है। यह बेहद खतरनाक होती है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो इससे बीमारी में लोगों की जान भी जा सकती है।

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