
Supreme Court:सुप्रीम कोर्ट ने 24 फरवरी को 8वीं क्लास की किताब में ज्यूडिशियरी में करप्शन के बारे में लिखे कंटेट पर संज्ञान लिया और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। उच्चतम न्यायालय में कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मुद्दे पर अपनी दलीलें रखी। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि छोटे बच्चों की पढ़ाई में अदालत में भ्रष्टाचार के बारे में बताया जा रहा है।
वहीं, इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी है कई न्यायाधीश भी इस किताब के इस हिस्से से परेशान है। उन्होंने इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए आदेश दिया है। सीजेआई ने कहा कि किसी भी संस्था को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे।
सीजेआई सूर्यकांत ने क्या कहा
सीजेआई ने तल्ख लहजे में कहा कि वह किसी को न्यायपालिका की छवि खराब नहीं करने देंगे, कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों ना हो, कानून अपना काम करता रहेगा। इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। सीजेआई सूर्यकांत ने आगे कहा कि इंस्टीट्यूशनल हेड के तौर पर मैंने अपना कर्तव्य निभाया है और मामले का संज्ञान लिया है। यह एक सोचा-समझ कदम हो सकता है। वहीं, जस्टिस बागची ने कहा कि यह किताब संविधान के बेसिच सट्रक्चर के खिलाफ लगती है।
सीजेआई देखेंगे को मामले को
सीजेआई ने सुनवाई करते हुए कहा कि कुछ दिन इंतजार करें, बार और बेंच सभी इस मामले से परेशान है, मैं इस मामले को खुद देखूंगा। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कक्षा 8 की नई सोशल साइंस की किताब के अनुसार करप्शन, केसों का बहुत ज्यादा बैकलॉग औऱ जजों की सही संख्या की कमी ज्यूडिशिएल सिस्टम के सामने आने वाली है। आपको बता दें कि नई किताब में न्यायपालिक में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा गया है कि जज एक कोड ऑफ कंडक्ट के तहत काम करते हैं। जो न सिर्फ कोर्ट में उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है बल्कि अदालत के बाहर भी उनके आचरण को नियंत्रित करता है।
Leave a comment