Fixed Deposit Calculation: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई लोग ऐसे निवेश विकल्प तलाश रहे हैं, जहां जोखिम कम हो और पैसा सुरक्षित तरीके से बढ़ाया जा सके। ऐसे निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी एक लोकप्रिय विकल्प है। बैंक अलग-अलग अवधि की FD पर अलग-अलग ब्याज दर देते हैं। आम ग्राहकों को कई बैंकों में करीब 7 फीसदी या उससे अधिक ब्याज मिल सकता है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में कुछ ज्यादा ब्याज दिया जाता है।
कैसे मिलता है ब्याज?
अगर आपके पास 1 लाख रुपये हैं और आप इसे 10 साल के लिए FD में जमा करना चाहते हैं, तो ब्याज दर के हिसाब से आपकी रकम में अच्छा अंतर आ सकता है। खास तौर पर अगर आप क्युमुलेटिव FD चुनते हैं और मिलने वाले ब्याज को दोबारा FD में जोड़ दिया जाता है, तो कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। मान लीजिए आपको 10 साल की FD पर 6 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है। ऐसी स्थिति में 1 लाख रुपये बढ़कर करीब 1.81 लाख रुपये हो सकते हैं। यानी आपको करीब 81 हजार रुपये का ब्याज मिल सकता है।
1 लाख तक की कमाई
अगर ब्याज दर 7 फीसदी है, तो 10 साल बाद 1 लाख रुपये की रकम करीब 2 लाख रुपये हो सकती है। यानी आपकी कमाई लगभग 1 लाख रुपये के आसपास हो सकती है। वहीं 7.50 फीसदी सालाना ब्याज मिलने पर 10 साल में यह रकम करीब 2.10 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इसमें करीब 1.10 लाख रुपये का ब्याज शामिल होगा। अगर FD पर 8 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है, तो 10 साल बाद 1 लाख रुपये करीब 2.21 लाख रुपये हो सकते हैं। यानी ब्याज से करीब 1.21 लाख रुपये की कमाई हो सकती है।
इस तरह ब्याज दर में थोड़ा सा अंतर भी लंबी अवधि में आपकी कुल रकम पर बड़ा असर डाल सकता है। हालांकि FD की ब्याज दर, कंपाउंडिंग का तरीका और टैक्स बैंक और योजना के नियमों पर निर्भर करते हैं। इसलिए निवेश करने से पहले बैंक की मौजूदा ब्याज दर और FD की शर्तों को जरूर देखना चाहिए।
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