
नई दिल्ली: लोगों की हार्ट अटैक से मौत की खबरें बढ़ रही हैं। हाल ही में लखनऊ में शादी का जश्न अचाकन से मातम में बदल गया क्योंकि शादी के दौरान अचानक दुल्हन स्टेज पर गिर पड़ी, जिसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया लेकिन डॉक्टर ने दुल्हन की मृतक घोषित कर दिया। ऐसे में एक रिपोर्ट सामने आई हैं कि लोगों को शादियों में हार्ट अटैक क्यों आ रहें है।
दरअसल रिपोर्ट में कहा गया कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से संबंधित जोखिम बढ़े हुए देखे जा रहे हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, इसके लिए कोरोना महामारी के दुष्प्रभावों को भी एक जोखिम कारक मान हैं। कोरोना ने हृदय की सेहत को कई स्तर पर गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे इससे संबंधित बीमारियों का जोखिम पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। ज्यादातर लोग तो ऐसे हैं जिनको पहले से पता ही नहीं होता है कि उन्हें हृदय की समस्या है।
इसके अलावा डीजे की तेज आवाज से भी लोगों को हार्ट अटैक आ जाता हैं। ऐसा इसलिए हो रहा हैं कि क्योंकि तेज आवाज के कारण सिंपैथिक नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचाती हैं जिससे लोगों में हृदय गति बढ़ने का खतरा हो सकता है। यह स्थिति हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसे गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।
हार्ट अटैक में प्रारंभिक देखभाल
सडेन हार्ट अटैक के मामलों में यदि कार्डियो पल्मोनरी रिस्यूसिटेशन (सीपीआर) दे दिया जाए तो ऐसे लोगों की जान बचाई जा सकती है। सीपीआर के लिए दोनों हाथों से रोगी की छाती को दबाने उसे सांस लेने में मदद मिलती है। रोगी की सांस की जांच करें और सीपीआर की मदद से उसे सांस दिलाएं, ऐसा करके जान बचाई जा सकती है। इस बारे में सभी लोगों को जानकारी प्राप्त करनी चाहिए
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