बदलते मौसम से बढ़ जाती है अस्थमा के मरीजों की समस्या, इन योगासन से पाए बीमारी से राहत

बदलते मौसम से बढ़ जाती है अस्थमा के मरीजों की समस्या, इन योगासन से पाए बीमारी से राहत

नई दिल्लीबदलते मौसम के चलते अस्थमा के मरीजों की समस्याएं बढ़ जाती है। वहीं अस्थमा एक सांस से जुड़ी बीमारी है, जो श्वास नलिमें सूजन और इसके छोटे हो जाने के कारण होता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई, खांसी के साथ और भी कई तरह की परेशानियां होती है। लेकिन कुछ योग की मदद से भी आप इस समस्या में राहत पा सकते है।

अस्थमा में किए जाने वाले योग

1- अर्ध मत्स्येंद्रासन- अस्थमा के मरीज को अर्ध मेरुदंड मरोड़ आसन करना चाहिए। इससे फेफड़ों में ऑक्सीजन का फ्लो अच्छा रहता है। इस योग से छाती खुलती है. इससे मरीजों को काफी आराम मिलता है।

2- पवनमुक्तासन- इस योगासन से पाचनक्रिया मजबूत होती है। ये योगासन उदर को मजबूत बनाता है। जो लोग इसे रोजाना करते हैं उन्हें गैस की समस्या में आराम मिलता है। अस्थमा के मरीज को इससे फायदा होता है।

3- सेतुबंधासन- अस्थमा के मरीजों के लिए ये आसान बहुत फायदेमंद है। इस योग को करने में बनने वाली सेतुमुद्रा से छाती और फेफड़ों का रास्ता खुलता है। अस्थमा और थायरॉयड में इससे आराम मिलता है।

4- भ्रस्तिका प्राणायाम- यह आसन फेफड़ों के लिए बेहद ही अच्छा व्यायाम है। यह अवसाद, चिंता और यहां तक कि फाइब्रोसिस के इलाज में मदद करता है। इसके अलावा यह खांसी, फ्लू, श्वसन संबंधी समस्याओं, एलर्जी या सांस फूलने की समस्या के इलाज में भी मदद करता है।

अस्तमा के लक्षण

जब गलेमें सूजन ज्यादा बढ़ जाती है तो सांस लेने में ज्यादा परेशानी होने लगती है। ऐसे में मरीज को सांस लेने में तकलीफ, खांसी, घरघराहट और सीने में जकड़न होने लगती है। अस्थमा के मरीज को बदलते मौसम में अपनी दवाओं का सेवन जरूर करना चाहिए। इसके अलावा कुछ योगासन हैं जिनसे आप राहत पा सकते है।

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