Search KhabarFast

Press ESC to close

अब HIV से डर नहीं! 6 महीने में लगने वाला इंजेक्शन हुआ तैयार, देगा असरदार सुरक्षा; जानें इसकी खासियत

अब HIV से डर नहीं! 6 महीने में लगने वाला इंजेक्शन हुआ तैयार, देगा असरदार सुरक्षा; जानें इसकी खासियत

HIV Prevention Injection:HIV/AIDS एक गंभीर संक्रमण है, जो इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है और विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, HIV से बचाव संभव है और हालिया वैज्ञानिक प्रगति ने इसे और आसान बना दिया है। 2025 में HIV रोकथाम के लिए सबसे क्रांतिकारी विकास लेनाकैपाविर (Yeztugo) नामक इंजेक्शन है, जो हर छह महीने में लगाया जाता है और संक्रमण से उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करता है। यह इंजेक्शन FDA और WHO द्वारा अनुमोदित है और क्लिनिकल ट्रायल्स में 100% प्रभावी साबित हुआ है। आइए HIV से बचाव के सबसे असरदार तरीकों के बारे में जानते हैं।

छह महीने की सुरक्षा का नया विकल्प

लेनाकैपाविर एक कैप्सिड इन्हिबिटर दवा है, जो HIV वायरस को कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोकती है। यह प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PrEP) का हिस्सा है, जो संक्रमण के जोखिम वाले लोगों के लिए है। जून 2025 में FDA ने इसे Yeztugo® नाम से मंजूरी दी, जो HIV रोकथाम के लिए पहला और एकमात्र छह महीने वाला इंजेक्शन है। जुलाई 2025 में WHO ने भी इसकी सिफारिश की।

कैसे काम करता है?यह इंजेक्शन पेट पर दो सबक्यूटेनियस शॉट्स के रूप में दिया जाता है, जो वायरस को ब्लॉक करता है। क्लिनिकल ट्रायल्स में, सिसजेंडर महिलाओं पर यह 100% प्रभावी पाया गया, जहां 2,138 प्रतिभागियों में कोई संक्रमण नहीं हुआ

कौन ले सकता है?उच्च जोखिम वाले लोग, जैसे सेक्स वर्कर्स, MSM (मेन हू हैव सेक्स विद मेन), या इंजेक्शन ड्रग यूजर्स। लेकिन पहले HIV टेस्ट जरूरी है, और डॉक्टर की सलाह पर ही लें।

लाभ और चुनौतियां:यह संक्रमण से लड़ने में अत्यधिक असरदार है, लेकिन कीमत अधिक होने से पहुंच सीमित हो सकती है। UNAIDS ने Gilead से कीमत कम करने की मांग की है।

HIV/AIDS से बचाव के अन्य प्रभावी तरीके

लेनाकैपाविर के अलावा, HIV से बचाव के कई सिद्ध तरीके हैं, जो CDC और NIH जैसी संस्थाओं द्वारा अनुशंसित हैं।

  1. अभिनय (Abstinence):सेक्स न करना HIV से 100% सुरक्षा देता है।
  2. कंडोम का उपयोग:हर बार सेक्स के दौरान सही तरीके से कंडोम इस्तेमाल करने से जोखिम बहुत कम हो जाता है।
  3. PrEP (प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस):दैनिक गोलियां जैसे ट्रुवाडा या डेस्कोवी 90% से अधिक प्रभावी हैं। अब लेनाकैपाविर जैसे इंजेक्शन विकल्प हैं।
  4. PEP (पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस):संभावित एक्सपोजर के 72 घंटों के भीतर दवाएं लेने से संक्रमण रोका जा सकता है।
  5. नियमित टेस्टिंग:HIV टेस्ट करवाना और सुरक्षित व्यवहार अपनाना जरूरी है।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझ जाएं लू लगी है, यहां जानें कैसे करें इसकी पहचान और बचाव के तरीके

भीषण गर्मी में लू (Heat Stroke) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकती है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है। इस खबर में जानिए लू कैसे लगती है, इसके शुरुआती लक्षण क्या होते हैं और किन संकेतों को देखते ही तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

Heat Stroke Alert: तापमान बढ़ते ही बढ़ रहा हीट स्ट्रोक का खतरा, ऐसे रखें खुद का ख्याल

Heat Stroke Prevention: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति ने लोगों को परेशान कर रखा है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

ad top
Khabar Fast