
Share Market Crash: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 850अंक से ज्यादा टूटकर 83,000के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50ने 25,567के इंट्राडे लो को छुआ। कारोबार के दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 472लाख करोड़ से घटकर 468लाख करोड़ रह गई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में एक झटके में लगभग 4लाख करोड़ रुपये की भारी कमी दर्ज की गई। दोपहर 3बजे के आसपास सेंसेक्स 1,200अंक से ज्यादा गिरावट के साथ 82,500के नीचे और निफ्टी 25,460के आसपास ट्रेड कर रहा था।
यह गिरावट पिछले तीन सत्रों की लगातार बढ़त के बाद आई है। बुधवार को बाजार मजबूत बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार को सुबह की हल्की बढ़त को तेज बिकवाली ने पलट दिया। भारत विक्स (VIX) में 8-10%की उछाल आई, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और वोलेटिलिटी का संकेत दे रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 0.5-1%से ज्यादा टूटे, जबकि बैंकिंग, फाइनेंशियल्स, मेटल्स, ऑटो, रियल्टी और मीडिया सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
क्या रही गिरावट की वजह?
शेयर बाजारों में 1मुनाफावसूली का दौर गिरावट की वजह बनी। पिछले तीन सत्रों में अच्छी बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया। बजट, भारत-अमेरिका डील, RBI पॉलिसी और तीसरी तिमाही के नतीजों जैसे बड़े ट्रिगर्स गुजर चुके हैं। अब घरेलू मोर्चे पर कोई नया पॉजिटिव ट्रिगर नहीं बचा, जिससे स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन शुरू हो गया।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जनवरी मीटिंग के मिनट्स में नीति निर्माताओं में बंटी राय सामने आई। कुछ अधिकारी महंगाई कम होने पर और रेट कट की संभावना देख रहे हैं, तो कुछ सख्ती बरतने को तैयार। इससे डॉलर मजबूत होने और विदेशी निवेशकों (FII) के रुख पर असर की आशंका बढ़ गई। फरवरी में FII ने सात महीनों बाद खरीदारी शुरू की थी, लेकिन अब सतर्कता दिख रही है।
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