
नई दिल्ली: कैंसर और शराब को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का एक खतरनाक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। WHO का कहना है कि शराब की पहली बूंद से ही कैंसर का खतरा शुरू हो जाता है। इसलिए, शराब की किसी भी मात्रा को मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है। द लांसेट पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित WHOके एक बयान के अनुसार "जब शराब पीने की बात आती है, तो ऐसी कोई सुरक्षित मात्रा नहीं है जो स्वास्थ्य को प्रभावित न करे।"
आपको बता दें कि,गैर-संचारी रोग प्रबंधन के कार्यवाहक इकाई प्रमुख डॉ कैरिना फेरेरा-बोर्गेस ने कहा कि "हम शराब के तथाकथित सुरक्षित स्तर के उपयोग के बारे में बात नहीं कर सकते। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितना पीते हैं। पीने वाले स्वास्थ्य जोखिम किसी भी मादक पेय की पहली बूंद के साथ शुरू होते हैं।हम यह नहीं कह सकते कि मध्यम शराब पीना स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है जैसा कि दशकों से कहा जाता रहा है।
शराब और कैंसर के बीच सीधा संबंध
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में हुई एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि शराब और कैंसर के बीच सीधा संबंध है। शराब और बीयर जैसे मादक पेय पीने से मुंह और गले के कैंसर, स्तन कैंसर, पेट के कैंसर, यकृत कैंसर और अन्नप्रणाली के कैंसर सहित 7 प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इस शोध में यह भी पाया गया है कि अमेरिका में सबसे ज्यादा लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। खतरे के बारे में नहीं जानते। यह अध्ययन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका के एसोसिएट डायरेक्टर विलियम एमपी क्लेन के निर्देशन में किया गया था। अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि कुछ लोग सोचते हैं कि वाइन पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। वाइन और बीयर पीने से भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
शराब से कैंसर के 7 प्रकार के खतरे
कैंसर पर WHOकी राष्ट्रीय एजेंसी का हवाला देते हुए कहा कि यह एक मानसिक निर्भरता है जो लोगों को शराब जैसे जहर को कम या ज्यादा लेने के लिए तर्कसंगत बनाती है जबकि शराब उन्हें कैंसर के उच्चतम जोखिम में डालती है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि शराब के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं है। अध्ययनों से पता चला है कि शराब के सेवन से 7 अलग-अलग प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
रेड वाइन के बारे में भी मिथक
इस अध्ययन के प्रमुख लेखक का कहना है कि कोविड महामारी के बाद लोगों में शराब पीने का चलन बढ़ा है। पहले से कहीं अधिक लोग शराब पी रहे हैं और इससे कैंसर के मामले बढ़ने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि रेड वाइन फायदेमंद होती है, लेकिन इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोगों को सावधान और सतर्क रहना चाहिए। कैंसर से बचने के लिए किसी भी तरह के मादक पेय का सेवन नहीं करना चाहिए। जैसे ही लोग शराब पीना शुरू करते हैं, उनके शरीर में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
कैंसर हर साल दस लाख लोगों की जान लेता है
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में हर साल लाखों लोग कैंसर के कारण अपनी जान गंवाते हैं। साल 2020 में कैंसर से 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई। सबसे आम हैं ब्रेस्ट, फेफड़े, कोलन और रेक्टम और प्रोस्टेट कैंसर, जो लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। हर साल 4 लाख से ज्यादा बच्चों को कैंसर होता है। अलग-अलग देशों में तरह-तरह के कैंसर लोगों पर कहर बरपाते हैं।
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