
नई दिल्ली: अमूमन बदलते मौसम में लोगों को सर्दी-जुकाम होना आम बात है,वायरल और इंफेक्शन की शिकायत हो रहती है।इतना ही नहीं हवा में मौजूद बैक्टीरिया जुकाम के साथ-साथ खांसी को भी अपने साथ ले आता है। इस स्थिति में मनुष्य का श्वसन तंत्र (respiratory system) काफी हद तक प्रभावित होता है। इंफेक्शन और बैक्टीरिया से होने वाली 'खांसी' आमतौर पर 3 से 4 दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन कभी-कभी यही खांसी हफ्तों और महीनों तक भी बनी रह सकती है। इस स्थिति में ये बेहद जरूरी हो जाता है कि इतनी लंबी खांसी के पीछे की वजह को पता किया जाए क्योंकि लंबे समय तक चलने वाली खांसी कब टीबी या अन्य जानलेवा बीमारी जैसे फेफड़ों के कैंसर का संकेत (Lung Cancer Symptoms) भी हो सकती है। आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि किस तरह से आप सामान्य खांसी और जानलेवा खांसी में फर्क कर सकते हैं।
कैसे करें फर्क सामान्य खांसीऔर कैंसर के बीच
आपको बता दें कि, आज कल के बदलते वक्त में फेफड़ो के कैंसर की समस्या तेजी बढ़ रही है।शहरों में रहने वाले ज्यादातर लोग इसका इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। कैंसर के नए मामलों में फेफड़ों के कैंसर का अनुपात 6.9 प्रतिशत है जोकि स्मोकिंग और पॉल्यूशन की वजह से होता है। शुरुआती स्टेज पर अगर कैंसर पता लगा लिया जाए और इंसान इसका इलाज करा लें तो उसकी जान बचाई जा सकती है। आपको बता दें कि सबसे बड़ी समस्या इलाज नहीं बल्कि समय रहते फेफड़ों के कैंसर को डिटेक्ट कर पाना है। दरअसल फेफड़ों में कैंसर (Lung Cancer) का पता उस समय तक नहीं चलता जब तक कि यह बड़े हिस्से में फैल ना जाए।
डॉक्टर्स का कहना है कि खांसी फेफड़ों के कैंसर (Causes of Lung Cancer) के मुख्य लक्षणों में से एक है लेकिन यह कई दूसरी बीमारियों और संक्रमणों का भी संकेत हो सकती है। यूके की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार "जो खांसी 3 हफ्ते के बाद भी दूर नहीं होती है साथ ही फेफड़ों में दर्द, खून के साथ खांसी होती है तो यह फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकती है। ऐसे में बिना अनदेखा किए डॉक्टर से तुरंत परामर्श करें।"
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