क्या आप गठिया या अवस्कुलर नेक्रोसिस से पीड़ित हैं? जानें कमर दर्द से बचने के 6 उपाय

क्या आप गठिया या अवस्कुलर नेक्रोसिस से पीड़ित हैं? जानें कमर दर्द से बचने के 6 उपाय

नई दिल्लीपीठ के निचले हिस्से में दर्द (रीढ़ के निचले और ऊपरी हिस्से में दर्द) हो या पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द हो, यह कभी भी सुखद अनुभव नहीं हो सकता। बहुत से लोग सोचते हैं कि कमर दर्द या कमर दर्द बुढ़ापे में ही होता है, लेकिन यह सच नहीं है। आज की बदलती जीवनशैली में और अस्वस्थ आदतें कमर दर्द का कारण बनती हैं।पीठ या कमर दर्द कई कारणों से होता है जैसे कैल्शियम, विटामिन की कमी, रूमेटाइड आर्थराइटिस, कशेरुकाओं के रोग, मांसपेशियों और तंतुओं पर खिंचाव, गर्भाशय में सूजन, मासिक धर्म की गड़बड़ी, शरीर की गलत मुद्रा आदि।

आपको बता दे कि, रीढ़ का निचला हिस्सा हमारे शरीर का अधिकांश भार वहन करता है। हम चाहे बैठें, झुकें, मुड़ें या भारी वस्तुओं को उठाएं, सारा भार रीढ़ के निचले हिस्से पर पड़ता है। ये चीजें हमारी रीढ़ को सहारा देने वाले मांसपेशियों, ऊतकों और लिगामेंट्स पर बार-बार दबाव डालती हैं जिससे तनाव की गंभीर चोट या बीमारी हो सकती है। इससे बचने के लिए लगातार एक ही जगह एक ही पोजीशन में बैठकर काम न करें और कुछ ब्रेक लेते रहें। अपनी मुद्रा बदलते रहें ताकि मांसपेशियों में अकड़न न हो।

रीढ़ की हड्डी/पीठ दर्द से बचाने के लिए यहां कुछ उपयोगी टिप्स

सही मुद्रा-आराम से और सीधे कुर्सी पर बैठ जाएं। हर एक-दो घंटे बाद कुर्सी से उठें, ताकि इससे शरीर में कोई तनाव न हो। अपने काम के घंटों के बीच में कुछ स्ट्रेचिंग करें।

वॉक-टेक्नोलॉजी ने जीवन में सब कुछ इतना सुविधाजनक बना दिया है, जो अब कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहा है। इसलिए जीवन में ऐसी किसी भी समस्या से बचने के लिए सक्रिय रहना बहुत जरूरी है। यदि आप कार्यालय में हैं तो संदेश भेजने या कॉल करने के बावजूद अपने सहकर्मी के डेस्क पर जाने का प्रयास करें। इससे आपका शरीर सक्रिय होगा और आपके कार्यालय के संबंध भी मजबूत होंगे क्योंकि आप सीधे संवाद कर रहे हैं।

वेट उठाते समय रहे सावधान-वेट उठाते समय पूरी तरह से नीचे न बैठें। किसी भारी वस्तु को अपने शरीर के पास आने दें और उसके बाद ही उसे उठाएं। साथ ही, वस्तु का पूरा भार शरीर के एक हिस्से पर न डालें।

स्वस्थ खाने की आदतें-सही खाने की आदतें न केवल स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करती हैं बल्कि शरीर पर अतिरिक्त दबाव को भी कम करती हैं, जिससे भविष्य में कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

सोने का सही तरीका-आप अपने सोने के पैटर्न में साधारण बदलाव करके अपनी पीठ पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकते हैं, सोने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप करवट लेकर सोएं और अपने पैरों के बीच एक तकिया रखें।

मानसिक तनाव कम करें-लोग वास्तव में समझते हैं कि तनाव पीठ/पीठ दर्द की समस्या को बढ़ाता है। कुछ ध्यान और गहरी सांस लें, यह तनाव को दूर करने और मन को शांत रखने में मदद करता है।

नियमित व्यायाम और योग करें-शरीर को लचीला बनाए रखने और अच्छी शारीरिक मुद्रा बनाए रखने के लिए योग या किसी भी प्रकार का व्यायाम सबसे अच्छा तरीका है। नियमित रूप से योग करने से तनाव कम होता है और पूरे शरीर का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बना रहता है।

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