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Haryana News: हरियाणा सरकार के 10 बड़े फैसले, 10 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार, जानिए क्या क्या है ये फैसले?

Haryana News: हरियाणा सरकार के 10 बड़े फैसले, 10 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार, जानिए क्या क्या है ये फैसले?

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में 10 प्रमुख औद्योगिक नीतियों को मंजूरी दी गई। इन नीतियों का उद्देश्य संकल्प पत्र तथा बजट घोषणाओं को प्रभावी रूप से लागू करते हुए विनिर्माण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, उभरती प्रौद्योगिकियों, हरित उद्योगों तथा कृषि आधारित आर्थिक विकास को व्यापक बढ़ावा देना है।

उल्लेखनीय है कि इन नीतियों को अंतिम रूप देने से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं दो दिनों तक उद्योगपतियों एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इसके अलावा, उक्त नीतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ के विजन के अनुरूप तैयार की गई हैं।

1. मेक इन हरियाणा औ‌द्योगिक नीति 2026

मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट मेक इन हरियाणा औ‌द्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दी। यह नीति एचईईपी 2020 का स्थान लेगी और यह प्रदेश की मुख्य औ‌द्योगिक नीति होगी। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का नया निवेश, 10 लाख नए रोजगार और प्रदेश के निर्यात को बढ़ाने के लक्ष्य पर फोकस किया गया है।

नई नीति में पुरानी ए, बी, सी और डी ब्लॉक आधारित क्षेत्रीय व्यवस्था को समाप्त कर कोर, इंटरमीडिएट, सब-प्राइम और प्राइम/फोकस क्षेत्र आधारित नई व्यवस्था लागू की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सभी ब्लॉकों में औ‌द्योगिक निवेश के लिए वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। इस नीति के माध्यम से अब औ‌द्योगिक प्रोत्साहन प्रदेश के हर ब्लॉक तक पहुंचेंगे और जिन क्षेत्रों में उ‌द्योगों की अधिक आवश्यकता है, उन्हें अधिक लाभ मिलेगा।

नीति में नए औ‌द्योगिक निवेश के लिए पूंजीगत सब्सिडी, हरियाणा कौशल रोजगार निगम पर पंजीकृत युवाओं में से औ‌द्योगिक इकाइयों द्वारा भर्ती और अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहन देने के प्रावधान किए गए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के अपने बजट अभिभाषण में मुख्यमंत्री ने नए निवेश, स्थानीय युवाओं की भर्ती और अनुसंधान एवं विकास को नीति के माध्यम से प्रोत्साहित करने की बात कही थी, जिसे इस नीति में शामिल किया गया है।

इस नीति में 30 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। बड़ी इकाइयों को यह लाभ7 वर्ष, मेगा इकाइयों को 10 वर्ष और अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को विशेष पैकेज के तहत 12 वर्ष तक लाभ मिलेगा। बड़ी इकाइयों के लिए 5 से 20 प्रतिशत और प्राइम/फोकस क्षेत्रों में मेगा तथा अल्ट्रा मेगा इकाइयों के लिए पात्र पूंजीगत व्यय पर 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। स्टाम्प ड्यूटी में भी 30 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।

स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा के स्थानीय कर्मचारियों हेतु रोजगार सृजन सब्सिडी को 48,000 रुपये से बढ़ाकर 10 वर्षों तक प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष 1 लाख रुपये तक कर दिया गया है। महिलाओं, अनुसूचित जाति, दिव्यांगजन, अग्निवीर और पूर्व सैनिकों के लिए यह सहायता 1.20 लाख रुपये तक होगी। वित्त वर्ष 2026- 27 के बजट में स्थानीय युवाओं को उ‌द्योगों में रोजगार दिलाने के लिए रोजगार सब्सिडी बढ़ाने की बात कही गई थी। संकल्प पत्र की प्रतिबद्धता के अनुरूप, हरियाणा कौशल रोजगार निगम पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति करने वाली इकाइयों को नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के ईपीएफ अंशदान की प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा।

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निवेशकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल 2026 से देरी होने पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान किया गया है। बजट और संकल्प पत्र में सरकारी संस्थाओं द्वारा समय पर भुगतान न करने पर ब्याज देने की बात कही गई थी। इसी तरह प्रोत्साहन राशि के भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए पात्र प्रोत्साहन की 50 प्रतिशत राशि 7 कार्य दिवसों में और शेष राशि 45 दिनों में जारी की जाएगी।

भूमि व्यवहार्यता प्रमाण पत्र के माध्यम से 45 कार्य दिवसों में भूमि स्वामित्व, भू-उपयोग, भार और संबंधित अनुमतियों की स्थिति पर स्पष्टता दी जाएगी। यह निवेशकों को जमीन से जुड़ी प्रारंभिक अनिश्चितताओं से राहत देने वाला एक बड़ा सुधार है। निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रखने हेतु निर्यात प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति में कार्बन क्रेडिट, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित भवन और शून्य द्रव अपशिष्ट प्रणाली जैसे हरित उ‌द्योग प्रावधान भी किए गए हैं।

2. हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति 2026

मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति 2026 को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों की नीति तैयार कर चालू वर्ष में लागू करने की बात कही गई थी। इस नीति के माध्यम से राज्य सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा निर्माण और सेमीकंडक्टर से जुड़े निवेश को आकर्षित करेगी।

इसका उ‌द्देश्य हरियाणा को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। यह नीति भारत सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना, इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण योजना और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप है।

आईएमटी सोहना में 500 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। नीति के तहत 20 से 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति इकाई 200 करोड़ रुपये होगी। 50 से 80 प्रतिशत तक परिचालन सहायता भी दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति वर्ष 20 करोड़ रुपये होगी। हरियाणा में बने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी। सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए अलग से नीति तैयार की जा रही है।

3. हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइसेज विनिर्माण नीति 2026

मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइसेज विनिर्माण नीति 2026 को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइसेज क्षेत्र के लिए नीति तैयार कर चालू वर्ष में लागू करने की बात कही गई थी। इस नीति के माध्यम से राज्य सरकार फार्मा, चिकित्सा उपकरणों, क्लीनिकल ट्रायल, जैव-समतुल्यता अध्ययन और स्वास्थ्य विनिर्माण से जुड़े निवेश को बढ़ावा देगी।

कोविड महामारी के बाद दवाओं और चिकित्सा उपकरणों में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हुई है। यह नीति आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य और आयात निर्भरता कम करने की राष्ट्रीय प्राथमिकता के अनुरूप स्वास्थ्य क्षेत्र में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान है। नीति में महिलाओं को रात्रि पाली में कार्य करने की अनुमति, पात्र इकाइयों को आवश्यक सेवा का दर्जा और पहले से स्वीकृत दवा फॉर्मूलेशन के लिए त्वरित मंजूरी जैसे प्रावधान भी किए गए हैं।

4. हरियाणा टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट विनिर्माण नीति 2026

मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट हरियाणा टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट विनिर्माण नीति 2026 को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट विनिर्माण नीति तैयार कर चालू वर्ष में लागू करने की बात कही गई थी। इस नीति के माध्यम से राज्य सरकार खिलौना और खेल उपकरण क्षेत्र में विनिर्माण, निर्यात, डिजाइन, नवाचार और एमएसएमई भागीदारी को बढ़ावा देगी।

भारत ने खिलौना क्षेत्र में आयात निर्भरता घटाकर निर्यात बढ़ाया है। इसी अवसर को ध्यान में रखते हुए हरियाणा में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित आधारित खिलौनों, स्मार्ट खिलौनों, पर्यावरण अनुकूल खिलौनों और उच्च मूल्य वाले खेल उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।

नीति के तहत 30 प्रतिशत पूंजीगत सहायता दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति इकाई 50 करोड़ रुपये होगी। पांच वर्षों तक 70 प्रतिशत परिचालन सहायता दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति वर्ष 3 करोड़ रुपये होगी। इस नीति का लक्ष्य 5,000 करोड़ रुपये का निवेश और 25,000 रोजगार सृजित करना है।

5.  हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स वेस्ट रीसाइक्लिंग नीति 2026

 मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स वेस्ट रीसाइक्लिंग नीति 2026 को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में रीसाइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति तैयार करने की बात कही गई थी। इस नीति के माध्यम से राज्य सरकार ई-वेस्ट संग्रहण, अलगाव, पुनर्चक्रण, प्रमाणन और औपचारिक रीसाइक्लिंग व्यवस्था को प्रोत्साहित करेगी, ताकि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से संसाधित किया जा सके।

यह नीति भारत सरकार के चक्रीय अर्थव्यवस्था लक्ष्यों, ई-वेस्ट प्रबंधन नियम 2022 और सतत औ‌द्योगिक विकास की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ ई-वेस्ट भी तेजी से बढ़ रहा है। भारत में हर वर्ष लगभग 17.5 लाख मीट्रिक टन ई-वेस्ट उत्पन्न होता है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र में चला जाता है। इस नीति के माध्यम से हरियाणा इस चुनौती को अवसर में बदलना चाहता है।

नीति का उ‌द्देश्य ई-वेस्ट क्षेत्र को संगठित करना, हरित रोजगार सृजित करना और पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नवीनतम उपकरणों के लिए कच्चे माल में बदलना है। नीति के तहत 30 प्रतिशत पूंजीगत सहायता दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति इकाई 25 करोड़ रुपये होगी। पांच वर्षों तक 70 प्रतिशत परिचालन सहायता दी जाएगी, जिसकी सीमा 2 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगी। हरियाणा में पंजीकृत रीसाइक्लर इकाइयों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी।

6. हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति 2026

मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति 2026 को मंजूरी दी। यह नीति सितंबर 2025 में स्टार्टअप्स और उ‌द्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ‌द्वारा की गई उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें गुरुग्राम और हरियाणा को विश्व की वैश्विक क्षमता केंद्र राजधानी बनाने के लिए समर्पित नीति तैयार करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई थी।

भारत में लगभग 1,700 वैश्विक क्षमता केंद्र हैं, जिनमें करीब 19 लाख पेशेवर कार्यरत हैं। हरियाणा में पहले से 270 से अधिक ऐसे केंद्र मौजूद हैं। नई नीति के माध्यम से अगले 100 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्रों को हरियाणा में आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए समर्पित वैश्विक क्षमता केंद्र मिशन, गुरुग्राम में एकल खिड़की डेस्क, निवेशक मिलान मंच और सलाहकार परिषद बनाई जाएगी। नीति के तहत गुरुग्राम और अन्य जिलों के लिए अलग-अलग सहायता प्रावधान किए गए हैं। परिचालन सहायता 5 से 9 वर्षों तक दी जाएगी, जिसकी सीमा 15 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगी। डीएसआईआर/सीएसआईआर से मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास केंद्रों को भी पूंजीगत और परिचालन सहायता दी जाएगी।

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