
चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस की राज्य अपराध शाखा ने पंचकूला स्थित एक गेमिंग कंपनी के साथ साइबर जालसाज द्वारा की गई ठगी के मामले में तेजी से प्रभावी कार्रवाई करते हुए यूजर के खाते में जमा 30लाख रुपये को फ्रिज करने में कामयाबी हासिल की है ।इसके अतिरिक्त, साइबर टीम ने जनवरी और जुलाई, 2022के बीच साइबर अपराधियों की रफतार पर बे्रक लगाते हुए आम जनता के करीब 11करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में वापस लाने में भी मदद की है ।
अपर पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध शाखा हरियाणा, ओपी सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पंचकूला स्थित एक गेमिंग कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ने 1930में शिकायत दर्ज कर जानकारी दी कि एक एप्लिकेशन यूजर ने उनके साथ 35लाख रुपये की साइबर ठगी की है। 14अगस्त को कंपनी की खाता रिपोर्ट तैयार करते समय पता चला कि 11अगस्त को एक यूजर के वॉलेट में 35लाख रुपये अनधिकृत जमा हुए हैं जिसे यूजर द्वारा 12और 13अगस्त को अपने वॉलेट से अपने पर्सनल खाते में स्थानांतरित किया गया है ।
जैसे ही इस ट्रांसक्शन का पता चला, शिकायतकर्ता ने यूजर से बात की, जिसने पैसे देने से इनकार कर दिया और फोन बंद कर दिया। धोखाधड़ी का पता चलने के बाद, इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930पर की गई । पीड़ित द्वारा 1930पर ‘गोल्डन ऑवर्स‘ में दी गई सूचना पर साइबर टीम ने एक्शन लेते हुए तुरंत यूजर के खाते में जमा 30लाख रुपये फ्रीज कर दिए। इस संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन, पंचकूला में एक शिकायत दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।
नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की शुरुआत इसी साल जनवरी में हुई थी । इस पहल को आगे बढ़ाते हुए राज्य में कुल 29 साइबर पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं , जिनमें साइबर अपराध के पीड़ित लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वर्तमान में राज्य में 1930 पर प्रतिदिन 600 से अधिक कॉल प्राप्त हो रही हैं । हमारी साइबर टीम द्वारा 24 घंटे की इस हॉटलाइन पर रोजाना करीब 7 लाख रुपये बचाए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि साइबर नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत राज्य अपराध शाखा ने 1930 पर मिली शिकायतों के बाद इस साल जुलाई तक आमजन के करीब 11 करोड़ रुपये बचाए है। इस संबंध में 459 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है ।
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