Haryana News: हरियाणा में चरखी दादरी में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक किसान से फर्जी रिश्तेदार बनकर करीब दो लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपी ने खुद को किसान की बुआ का बेटा प्रदीप बताकर दोस्त के पिता के इलाज के नाम पर पैसे मांगे और भरोसा दिलाने के लिए फर्जी बैंक मैसेज भी भेजा। इसके बाद किसान से रकम ट्रांसफर करा ली गई। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना चरखी दादरी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के अनुसार, गांव साहुवास निवासी जयकुमार सब्जी मंडी दादरी में सब्जी बेचने का काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि 6 अगस्त को उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उसकी बुआ का बेटा प्रदीप बताते हुए कहा कि उसके दोस्त के पिता अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज के लिए पैसों की जरूरत है। आरोपी ने कहा कि वह जयकुमार के बैंक खाते में 2.50 लाख रुपये भेज रहा है और इसके बाद उसके बताए मोबाइल नंबरों पर रकम भेजनी है।
इसी दौरान शिकायतकर्ता के मोबाइल पर दूसरे नंबर से कुछ टेक्स्ट मैसेज आए। मैसेज देखकर उसे विश्वास हो गया कि उसके बैंक खाते में 2.50 लाख रुपये जमा हो गए हैं। इसके बाद उसने पंजाब नेशनल बैंक के खाते से बताए गए नंबर पर फोन के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर एक लाख रुपये भेज दिए। खाते की दैनिक ट्रांजेक्शन लिमिट पूरी होने के कारण इसके बाद लेनदेन नहीं हो सका।
अगले दिन फिर मांगे एक लाख रुपये
आरोपियों ने अगले दिन दोबारा संपर्क किया और दूसरे नंबर पर फोनपे के माध्यम से एक लाख रुपये भेजने को कहा। शिकायतकर्ता ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए यह रकम भी भेज दी। बाद में बैंक खाते के बैलेंस संबंधी मैसेज मिलने पर उसे संदेह हुआ। उसने तत्काल अपनी बुआ के बेटे प्रदीप से संपर्क किया। प्रदीप ने बताया कि उसने न तो कोई फोन किया था और न ही पैसे भेजने के लिए कहा था। इसके बाद जयकुमार को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला।
पीड़ित ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 31308260062889 है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने फर्जी टेक्स्ट मैसेज के जरिए खाते में रकम आने का झूठा विश्वास दिलाकर कुल दो लाख रुपये की ठगी की। साइबर क्राइम थाना चरखी दादरी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल सुमित कुमार को सौंपी गई है।