
नई दिल्ली: हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता हैं। वहीं इस व्रत को तीजा भी कहते है। भादो माह में हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस व्रत को सुहाग की रक्षा और सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए सुहगिन महिलाएं और कुंवारी लड़कियां रखती है। लेकिन इस साल व्रत के शुभ दिन को लेकर लोग कंफ्यूज हो रहे है,इसलिए आज हम आपको बताएंगे की किस दिन हरतालिका तीज मानाई जाएगी।
बता दें कि इस साल हरतालिका तीज का व्रत मंगलवार, 30 अगस्त को रखा जाएगा। वही इस साल हरतालिका तीज का व्रत मंगलवार, 30 अगस्त को रखा जाएगा।वहीं इस व्रत के शुभ मुहर्त सोमवार, 29 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी मंगलवार, 30 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। इस ही के साथ इस व्रत को लेकर ऐसी मानयता है कि मां पार्वती ने देवो के देव महादेव को पाने के लिए हरतालिका व्रत किया था। कहते हैं इस व्रत के प्रभाव से पति को दीर्धायु और सुखी जीवन का वरदान प्राप्त होता है।
हरतालिका तीज के नियम
हरतालिका तीज के व्रत एक बार शुरू कर लिया जाए तो इसे बीच में छोड़ा नहीं जाता। अगर किसी कारणवश ये व्रत न कर पाए तो इसका उद्यापन कर घर में दूसरी महिला को दे दें।
हरतालिका तीज पर निर्जला व्रत किया जाता है. इस दिन अन्न, जल का त्याग करना पड़ता है। बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए फलाहार की जरूर छूट है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रतधारी को दिन और रात में सोने की मनाही है। रात्रि में जागरण कर भजन कीर्तन करें, महादेव और मां पार्वती का स्मरण करें।
ये है व्रत रखने की वजह
इस व्रत का नाम हरतालिका ऐसे पड़ा क्योंकि पार्वती की सहेली उन्हें पिता के घर से हरण कर जंगल में ले गई थी। देवी पार्वती ने मन ही मन भगवान शिव को अपना पति मान लिया था और वह सदैव भगवान शिव की तपस्या में लीन रहतीं थीं। पार्वतीजी के मन की बात जानकर उनकी सखियां उन्हें लेकर घने जंगल में चली गईं। इस तरह सखियों द्वारा उनका हरण कर लेने की वजह से इस व्रत का नाम हरतालिका व्रत पड़ा।
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