
H3N2 VIRUS: देश में एक नए वायरस की एंट्री से स्वास्थ्य विभाग की रातों की नींद उड़ गई है। जानकारी के अनुसार, इस वायरस से लोगों की मौत होनी शुरू हो गई है। बता दें कि भारत के दो राज्यों में इस वायरस से ग्रस्त लोगों पाए गए और कहा जा रहा है कि उन लोगों की मौत इसी वायरस से हुई है,हालांकि इसकी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं इसको लेकर डॉक्टरों और एक्सपर्ट अलग-अलग दावे कर रहे है।
क्या है ये H3N2
दरअसल H3N2नाम का यह वायरस के देशभर तेजी के साथ बढ़ रहा है। इस वायरस को इन्फ्लुएंजा ए वायरस का सबटाइप बताया जा रहा है। इस वायरस के संक्रमित होने पर रोगी में फ्लू जैसे लक्षण जैसे तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, थकान और सूखी खांसी जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं जो तीन सप्ताह तक बने रहते हैं। इस वायरस को लेकर सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की गई है। वहीं कई एक्सपर्ट इसे कोरोना के जोड़कर भी देख रहे है।
इसके अलावा अब कोरोना की वैक्सीन को इससे जोड़कर देखा जा रहा है और कहा जा रहा है कि अगर इसके केस ज्यादा बढ़ते है तो क्या कोरोना की वैक्सीन कारगर साबित होगी तो इसका जवाब है नहीं। डॉक्टरों की माने तो कोविड-19और H3N2वायरस दोनों एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। किसी भी वायरस की वैक्सीन उस वायरस की प्रकृति, फैलने की आवृत्ति आदि के आधार पर बनाई जाती है।
कोविड-19और H3N2वायरस की प्रकृति और आवृत्ति अलग है इसलिए कोविड वैक्सीन इस इंफ्लूएंजा वायरस से बचाने में मदद नहीं करेंगी. अगर किसी वायरस के लिए विशेष वैक्सीन बनाई जाती है तो वह उस वायरस के अनुरूप ही इम्यूनिटी डेवलप करती है."
किन लोगों में ज्यादा फैल रहा है
रिपोर्ट के मुताबिक, "H3N2वायरस का खतरा बच्चों और बुजुर्गों को अधिक है क्योंकि यह इम्यूनिटी पर हमला करता है। जिन लोगों को अस्थमा, हृदय रोग, डायबिटीज, मोटापा और कमजोर इम्यूनिटी की शिकायत है उनको भी खतरा अधिक है। गर्भवती महिलाओं को भी इस वायरस का ज्यादा खतरा है।
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