
Nimisha Priya Death Sentence Cancelled: यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को हत्या के मामले में दी गई मौत की सजा रद्द होने की खबर सामने आई है। भारतीय ग्रैंड मुफ्ती और सुन्नी नेता कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के कार्यालय के अनुसार, यमन की राजधानी सना में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। हालांकि, भारत सरकार या यमन सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। निमिषा की सजा को पहले अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था, लेकिन अब इसे पूरी तरह रद्द करने का दावा किया गया है। इस फैसले में भारतीय ग्रैंड मुफ्ती के हस्तक्षेप और यमनी विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल की भूमिका अहम बताई जा रही है।
मामले की पृष्ठभूमि और कानूनी लड़ाई
केरल के पलक्कड़ की रहने वाली निमिषा प्रिया 2008में नर्स के रूप में यमन गई थीं। 2015में उन्होंने यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी के साथ मिलकर एक मेडिकल क्लीनिक शुरू किया। 2017में महदी का शव एक वॉटर टैंक में मिला, और निमिषा पर उनकी हत्या का आरोप लगा। उन पर नींद की दवा की अधिक खुराक देकर हत्या करने और शव छिपाने का इल्जाम है। यमन-सऊदी सीमा से गिरफ्तारी के बाद 2020में सना की अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई, जिसे 2023में यमन सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा। निमिषा के वकील ने दावा किया कि महदी ने उनका शारीरिक उत्पीड़न किया और पासपोर्ट जब्त कर लिया था, लेकिन मृतक के भाई ने इन आरोपों को खारिज किया।
आगे की प्रक्रिया और उम्मीदें
इस मामले में यमन के शासक अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों के साथ मध्यस्थता वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया। अब निमिषा की रिहाई के लिए मृतक तलाल अब्दो महदी के परिवार के साथ बातचीत महत्वपूर्ण होगी। 16 जुलाई 2025 को निमिषा की सजा को भारत सरकार और केरल के मुस्लिम संगठनों की पहल पर टाला गया था। अब सजा रद्द होने की खबर से निमिषा के परिवार और समर्थकों में उम्मीद जगी है। निमिषा वर्तमान में सना की जेल में हैं, और उनकी रिहाई के लिए आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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