
नई दिल्ली: पूरे देशभर में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153वीं जयंती मनाई जा रही है। पीएम मोदी से लेकर बड़े-बड़े दिग्गज नेताएं महात्मा गांधी को याद कर रहे है और उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे है। साथ ही इस अवसर पर देशभर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजघाट पहुंचे। यहां उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी के अलावा कई नेताओं का बापू के समाधि स्थल राजघाट पर पहुंचना जारी है। इससे पहले कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी बापू को नमन किया। राजघाट पर बापू की स्मृति में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है।
सोनिया गांधी ने दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे गांधी जयंती के अवसर पर राजघाट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बापू की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी श्रद्धांजलि
वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गांधी की 153वीं जयंती के अवसर पर मैं सभी देशवासियों की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करती हूं।
गृहमंत्री अमित शाह ने गांधी को किया याद
सत्य, अहिंसा व शांति के पथप्रदर्शक महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें कोटिश नमन करता हूँ। उनके स्वदेशी, स्वभाषा, स्वराज व सहकार के विचार हर भारतीय को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे। गांधी जी के आदर्शों पर चल मोदी सरकार भारत को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कृतसंकल्पित है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी श्रद्धांजलि
पूज्य बापू की जयंती पर मैं उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ। गांधीजी ने देश में ग्राम विकास और आत्मनिर्भरता का जो विचार दिया था, वह आज आज़ादी के अमृतकाल में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। उनके विचार और आदर्श देशवासियों को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी दी श्रद्धांजलि
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गांधी जयंती के मौके पर बापू को याद करते हुए ट्वीट कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर, हम महात्मा गांधी के जन्मदिन और शांति, सम्मान और सभी के द्वारा साझा की जाने वाली आवश्यक गरिमा के मूल्यों का जश्न मनाते हैं। हम महात्मा गांधी के मूल्यों को अपनाकर और संस्कृतियों में काम करके आज की चुनौतियों को हरा सकते हैं।
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