
नई दिल्ली: ज्यादातर लोग ड्राई फ्रूट में काजू या बादाम को खाना पसंद करते है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ड्राई के बारे में बताने वाले है जो हेल्दी के साथ-साथ स्वाद में भी टेस्टी होता है। वैसे तो अंजरी में कई वोषक तत्व पाए जाते है, जो मोटापे को कम करते है। यह हमारे बैली फैट को भी कम करता है। इसके अलावा अंजीर के सेवन से पाचन तंत्र मे भी सुधार होता है और हड्डियां मजबूत बनती है।
बता दें कि अंजीर में पोटेशियम काफी होता है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसके साथ अंजीर कैल्शियम, पोटेशियम, फास्फोरस, मैंगनीज, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स का अच्छा सोर्स है। अंजीर में कार्बोहाइड्रेट होता है जो शरीर को एनर्जी देता है. स्टेमिना बढ़ाने के लिए अंजीर का सेवन फायदेमंद है। इस में विटामिन ए, बी, सी, के और कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक, कॉपर और मैंगनीज जैसे पोषक तत्व पाए जाते है। आमतौर पर लोग ड्राईफ्रूट के रूप में इसका सेवन करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दो अंजीर को नियमित रूप से डाइट में शामिल कर लिया जाए तो ये कई बीमारियों में राहत दे सकती है।
अंजीर का इतिहास
हजारों साल पुराना है अंजीर का इतिहास। इसकी उत्पत्ति मिडिल ईस्ट सेंटर में हुई और दक्षिण-पश्चिम एशिया में यह फलीभूत हुआ। माना जाता है कि इन इलाकों में करीब 11 हजार साल पूर्व यह उगने लगा था। इस फल का रुतबा इतना अधिक बढ़ा कि प्राचीन यूनान में यह फल व्यापारिक दृष्टि से इतना महत्वपूर्ण हो गया कि इसके निर्यात पर पाबंदी लगा दी गई थी। लगभग 2000 ईसा पूर्व भूमध्यसागरीय तटीय क्षेत्रों में इसने उगना शुरू किया। 16वीं शताब्दी में यह यूएसए पहुंचा। 17वीं शताब्दी में जापान में इसका प्रवेश हुआ. भारत के प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में अंजीर का वर्णन नहीं है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इसका बहुत ही महत्व दर्शाया गया है।
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