
Vijayadashami 2023: आज पूरे देश में विजयादशमी या दशहरा मनाया जा रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, दशहरा का त्योहार हर साल शारदीय नवरात्रि के दसवें दिन मनाया जाता है। यह दिन अत्याचार और बुराई पर सत्य, धर्म और अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने अधर्म, अत्याचार और अन्याय के प्रतीक रावण का वध किया था। इसके अलावा देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध करके धर्म और सत्य की रक्षा की थी। सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विजयादशमी के दिन रामचरित मानस आदि का पाठ करना शुभ माना जाता है। विजयादशमी का पर्व अबूझ मुहूर्त माना जाता है, अर्थात इस पर्व पर सभी प्रकार के शुभ कार्य बिना शुभ मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं।
सभी कार्य के लिए आज दिन बेहद शुभ
दरअसल, विजयादशमी सभी सिद्धियों को देने वाली तिथि है, इसलिए यह दिन सभी शुभ कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन शुरू किया गया कोई भी काम निश्चित रूप से सफल होता है। इन्हीं धार्मिक मान्यताओं के कारण प्राचीन काल में राजा इसी दिन विजय की कामना लेकर युद्ध के लिए प्रस्थान करते थे। इस दिन बुराई के प्रतीक के रूप में रावण का विशाल पुतला बनाकर जलाया जाता है।
शमी के पौधे से घर में होगी सुख -समृद्धि
इसके अलावा इस दिन यानि दशहरे पर शमी का पौधा लगाने की भी परंपरा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत में पांडवों ने अपने हथियार शमी के पेड़ पर छुपाए थे, जिसके बाद उन्होंने कौरवों पर युद्ध जीता था। इस दिन शमी की एक शाखा पूर्व दिशा में स्थापित करके उसकी विधिवत पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस वृक्ष की पूजा करने से शनि के अशुभ प्रभाव से राहत मिलती है। विजयादशमी के दिन पान खाना और खिलाना सम्मान, प्रेम और विजय का प्रतीक माना जाता है। दशहरे के दिन रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद का दहन करने के बाद पान खाना सत्य की जीत की खुशी व्यक्त करता है।
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