
Bangaldesh Crisis: बांग्लादेश का घटनाक्रम भारत के लिए परेशानी भरा साबित होगा। शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि 15 साल तक सत्ता में रहने वाली प्रधानमंत्री को इस तरह अपना देश छोड़कर भागना पड़ेगा। बांग्लादेश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी प्रधानमंत्री को सत्ता गंवाने के बाद देश छोड़ना पड़ा। वह लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री चुनी गईं। लेकिन सात महीने के अंदर ही उन्हें अपना देश छोड़कर भागना पड़ा। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए भारत के लिए भी राजनीतिक समीकरण काफी जटिल हो गए हैं।
बता दें कि, बांग्लादेश में अंतरिम सरकार शपथ लेगी। इस सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस होंगे। उनके साथ 15 और सदस्य भी गुरुवार को शपथ लेंगे। बांग्लादेश में अगले कुछ महीनों में फिर से चुनाव होंगे।
भारत के लिए परेशानी
बांग्लादेश के घटनाक्रम पर नजर डालें तो यह भारत के लिए मुसीबत साबित होगा। संदेह है कि ये सब पाकिस्तान और चीन के इशारे पर हुआ है। दोनों देशों में भारत के प्रति विरोध की भावना है। बांग्लादेश में भी भारत विरोधी समूह सक्रिय हैं। इसीलिए वहां हिंदुओं को प्रताड़ित करने और हिंदू धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
भारतीय कंपनियों पर भी पड़ेगा असर
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे और देश छोड़ने से भारतीय कंपनियों पर बड़ा असर पड़ेगा। कई नामी कंपनियों ने अपना कारोबार बांग्लादेश तक फैलाया है। इन परिस्थितियों के कारण व्यापार प्रभावित हुआ तो नुकसान होगा। हां, एक बात तय है कि कपड़ों के निर्यात में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि अब यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में भारतीय कपड़ों की मांग बढ़ सकती है।
सीमा पर जरूरी है सतर्कता
बांग्लादेश में इस वक्त हालात बेहद खराब हो चुके हैं। सीमा पर चौकसी बढ़ानी होगी। घुसपैठ और शरणार्थियों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है जो भारत के भीतर भी आंतरिक अशांति पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।
अधिक सतर्कता की जरूरत
बांग्लादेश में शेख हसीना का देश छोड़ना कोई अचानक हुई घटना नहीं है। ऐसा लगता है कि विदेशी ताकतों ने सेना के जरिए चुनी हुई सरकार को हटाने की साजिश रची थी। बांग्लादेश-भारत संबंधों की नजदीकियां चीन और पाकिस्तान को खल रही थीं। जब इन देशों की चालें काम नहीं आईं तो छात्र आंदोलन शुरू करके छल और कपट से इन्हें हटा दिया गया। इससे हसीना की सरकारी खुफिया सेवा की विफलता भी उजागर होती है। बांग्लादेश की नई सरकार चीन और पाकिस्तान के हाथों में खेलेगी और भारत के लिए समस्याएं पैदा करेगी। भारत को अब और सतर्क रहना होगा।
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