Israel-Lebanon Tension:लेबनान के साथ 16-17 अप्रैल को सीजफायर लागू होने से पहले ही इजरायली सेना अपने काम को अंजाम दे चुकी थी। इजरायली सुरक्षा बल ने रविवार यानी 19 अप्रैल को पोस्ट के जरिए बताया कि उसने सीजफायर लागू होने के बाद 150 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया है।
इजरायली सेना ने कहा कि लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ सीजफायर लागू होने से ठीक 24 घंटे पहले 150 से अधिक हिजबुल्लाह के आतंकवादियों को मार गिराया गया था। साथ ही लगभग 300 से अधिक आर्मी बेस को ध्वस्त किया गया। आईडीएफ के अनुसार इन हमलों में बिंत ज्बील क्षेत्र के हिजबुल्लाह कमांडर अली रिदा अब्बास भी ढेर हो गया।
इजरायल को मिली बड़ी सफलता
बिंत ज्बील क्षेत्र के हिजबुल्लाह कमांडर अली रिदा अब्बास की मौत को आईडीएफ की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का संघर्षविराम लागू होने वाला था। बाद में यह संघर्ष विराम 16-17 अप्रैल की रात को लागू हुआ लेकिन उससे ठीक पहले इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाने का निर्णय लिया।
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हिजबुल्लाह को भारी नुकसान
आईडीएफ के अनुसार सीजफायर लाहू होने से पहले हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर, यूएवी (ड्रोन), एंटी-टैंक मिसाइल पॉइंट्स, कमांड सेंटर और अन्य सैन्य ठिकानों पर बमबारी की गई। इन कार्रवाइयों का मकसद इजरायली सैनिकों पर किसी भी संभावित खतरे को निष्क्रिय करना था। बता दें कि बिंत ज्बील क्षेत्र दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह का एक मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले हफ्तों में यहां भारी बमबारी हुई थी, जिसमें सैकड़ों हिजबुल्लाह आतंकवादी को मार गिराया गया था। IDF के अनुसार, अब्बास जैसे कमांडरों की मौत से हिजबुल्लाह की कमांड संरचना को तबाह कर दिया है।