EPFO Automatic PF Transfer: नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) से जुड़ी बड़ी राहत है। अब नौकरी बदलने के बाद पुराने PF खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफर कराने के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने आधार से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN वाले पात्र सदस्यों के लिए ऑटोमैटिक PF ट्रांसफर की सुविधा शुरू की है। इस सुविधा का फायदा खासतौर पर उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो समय-समय पर नौकरी बदलते हैं। पहले नई कंपनी में शामिल होने के बाद PF ट्रांसफर के लिए अलग से रिक्वेस्ट करनी पड़ती थी। अब पात्रता की शर्तें पूरी होने पर यह प्रक्रिया अपने आप हो सकेगी।
कैसे काम करेगा नया PF ट्रांसफर सिस्टम?
EPFO ने सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्लेटफॉर्म के जरिए PF ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इसे तीन आसान स्टेप में समझ सकते हैं।
पहला स्टेप: नई कंपनी में नौकरी जॉइन करते समय अपना मौजूदा UAN दें। नौकरी बदलने पर नया UAN बनवाने के बजाय पुराने UAN का ही इस्तेमाल करना जरूरी है।
दूसरा स्टेप: नई कंपनी आपकी जॉइनिंग और PF से जुड़ी जरूरी जानकारी EPFO के रिकॉर्ड में दर्ज करेगी।
तीसरा स्टेप: अगर आप ऑटोमैटिक ट्रांसफर के लिए पात्र हैं, तो पुराने PF खाते में जमा रकम नए PF खाते में अपने आप ट्रांसफर हो जाएगी। इसके लिए अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी।
आधार से लिंक होना जरूरी
ऑटोमैटिक PF ट्रांसफर की सुविधा आधार से जुड़े UAN वाले पात्र सदस्यों के लिए है। इसलिए कर्मचारियों को यह जरूर जांच लेना चाहिए कि उनका UAN आधार से लिंक है और नाम, जन्मतिथि समेत दूसरी जरूरी जानकारी सही दर्ज है।
कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
इस सुविधा से PF ट्रांसफर में कागजी कार्रवाई कम होगी और समय की बचत होगी। पुरानी नौकरी में जमा PF की रकम नए खाते में आने से कर्मचारी को अपनी कुल रिटायरमेंट सेविंग का हिसाब रखने में भी आसानी होगी। इसके अलावा, अलग-अलग कंपनियों में नौकरी करने के बावजूद रोजगार का रिकॉर्ड एक ही UAN के तहत देखा जा सकेगा। बार-बार नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी हो सकती है।
ऐसे चेक करें PF रिकॉर्ड
नौकरी बदलने के बाद कर्मचारी EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाकर UAN और पासवर्ड से लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद Service History में जाकर पुरानी और नई कंपनी से जुड़ी जानकारी जांचें। अगर नई कंपनी का रिकॉर्ड दिखाई नहीं दे रहा है या किसी जानकारी में गलती है, तो पहले कंपनी के HR विभाग से संपर्क करें। UAN, आधार या दूसरी जानकारी में अंतर होने पर उसे ठीक करवाना जरूरी है। ध्यान रखें कि PF का ऑटोमैटिक ट्रांसफर और PF की अंतिम निकासी यानी Final Settlement अलग प्रक्रियाएं हैं। ऑटोमैटिक ट्रांसफर का मतलब यह नहीं है कि हर तरह का PF क्लेम भी अपने आप मंजूर हो जाएगा।
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