क्यों तैरता है पानी पर बर्फ? जानें इसके पीछे के रोचक तत्व

क्यों तैरता है पानी पर बर्फ? जानें इसके पीछे के रोचक तत्व

नई दिल्ली: विज्ञान के कई सवाल हमे चौंका देते है वहीं कुछ ऐसे सवाल होते है जिससे सुनकर हम हैरान हो जाते है कि यह कैसे संभव है। रोजमर्रा के जीवन में हम ऐसी कई घटनाएं देखते हैं जो आमतौर पर सामान्य-सी लगती है, लेकिन इनके पीछे की वजह  कभी बहुत बड़ी तो कभी जटिल भी होती है। आज हम एक अनोखे सवाल की चर्चा करेंगे जो वैसे तो सामान्य सा है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह अनोखा क्यों है, यह सवाल है पानीमें बर्फ  क्यों तैरती  है।

बता दें कि, जब कोई भी वस्तु तैरती है, ये निर्भर करता है उसके लंबाई, चोड़ाई और मोटाई पर। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है,जिसमें कहा गया है कि किसी भी वस्तु को पानी पर तैरने के लिए, वस्तु के वजन के बराबर पानी की मात्रा को विस्थापित करना होता है। ये हम सब जानते है कि ठोस वस्तु में तरल पदार्थ की तुलना में अधिक घनत्व होता हैं। ठोस वस्तु में अणु एक-दूसरे के साथ अधिक निकटतापूर्वक बंधे होते हैं, जिसकी वजह से ये कठोर होते है और उनमें वजन भी अधिक होता है। इसके अलावा ठोस लोहा पिघले हुए लोहे में डूब जाएगा। इस ही तरह ठोस एल्यूमीनियम तरल एल्यूमीनियम में डूबेगा, लेकिन पानी या बर्फ इकलौती ऐसी वस्तु है जिसकी ठोस रूप उसके तरल रूप में तैरता है। यही वजह है कि बर्फ का पानी तैरना एक अनोखी बात है। जबकि सामान्य विज्ञान के नियमों के तहत बर्फ को पानी में डूब जाना चाहिए।

जब पानी ठंडा होकर ठोस होना शुरू होता है, तो उसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को दूर रखने के लिए अपनी खास स्थिति बना लेते हैं जिससे अणु ज्यादा पास नहीं आ पाते और ठोस होने से पहले ही घनत्व कम होना बंद हो जाता है जिससे बर्फ बनने पर उसका धनत्व पानी से कम ही रह जाता है। ऐसा केवल पानी के साथ ही होता है।

 

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